जयप्रकाश नगर मोहल्ले में नालियों से निकालकर सड़क पर छोड़ा गया कचरा।
- फोटो : अमर उजाला
पडरौना। जयप्रकाश नगर मुहल्ले में नालियों से निकला कचरा सड़क पर फैला रहता है। कई गलियों की सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। स्ट्रीट लाइट खराब होने की वजह से अक्सर लोग इन क्षतिग्रस्त सड़कों पर रात में लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सड़क, सफाई, पेयजल व पथ प्रकाश की समस्या से जूझ रहे इस मुहल्ले के लोगों को नगर पालिका प्रशासन से उम्मीद तो बहुत है लेकिन बदलाव होगा, इसका यकीन नहीं हो रहा।
नगर के छुछिया गेट से राज दरबार तक सड़क के पश्चिम तरफ की आबादी जयप्रकाश नगर मुहल्ले के नाम से जानी जाती है। यहां शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक, शिक्षक व व्यापारियों का आवास भी है। क्षेत्र में कुछ निजी विद्यालय भी हैं। पडरौना चीनी मिल व राजदरबार से सटा इलाका होने के चलते इस मुहल्ले में हर वक्त लोगों का आना - जाना लगा रहता है। इसके बावजूद मुहल्ले की दशा खराब है। पूर्व प्राचार्य डॉक्टर एसबी सिंह के घर पास बनी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इस गली की स्ट्रीट लाइट भी काफी पहले से खराब है। दरबार रोड से लेकर रामधाम पोखरे के पास तक की स्ट्रीट लाइट भी खराब है। मुहल्ले की नालियों से निकला कचरा अक्सर सफाई कर्मी सड़क पर ही छोड़ देते हैं। नालियों से निकला कचरा कुछ दिन बाद फिर उसी में चला जाता है। पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।