मंसाछापर। बॉर्डर से सटे बिहार के दहवा गांव में रविवार की देर शाम गांव वालों और पुलिस से हुई हाथापाई के बाद मामला चर्चा में आ गया है। घटना के बाद से ही पशु तस्कर फरार है। पुलिस गोपनीय तरीके से पशु तस्कर को गिरफ्तार करने में लगी है। हालांकि, गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस ने बिना लोकल पुलिस के सहयोग के ही सादी वर्दी में दबिश दी थी, जो बिल्कुल गलत है। जबकि हकीकत भी यही है कि अगर यूपी पुलिस ने बिहार पुलिस से सहयोग लेकर दबिश देने जाती तो शायद हाथापाई तक बात नहीं पहुंचती।
रविवार की देर शाम करीब साढ़े सात बजे कुशीनगर पुलिस बॉर्डर से सटे बिहार के धनहा थाना क्षेत्र के दहवा में एक पशु तस्कर को पकड़ने के लिए सादे वर्दी में गई थी। मुख्य बाजार में पशु तस्कर अपने बेटे के साथ मीट की दुकान पर खरीदारी कर रहा था। चार की संख्या में पुलिस पहुंची और पशु तस्कर को पकड़ लिया। पुलिस के पकड़ में आते ही पशु तस्कर शोर मचाने लगा और अपने बेटे के साथ खुद के अपहरण करने का आरोप लगाने लगा। इस बात को सुनते ही आसपास के लोग दौड़ पड़े और पुलिस से भिड़ गए। दोनों तरफ से हाथापाई भी हुई। उग्र भीड़ को देखते ही पुलिस वहां से वाहन लेकर किसी तरह भाग निकली। घटना के बाद से ही पशु तस्कर फरार बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अब पुलिस गोपनीय तरीके से पशु तस्कर की गिरफ्तारी में जुट गई है। हालांकि, पुलिस इस मामले से पुलिस कुछ भी कहने से परहेज कर रही है।
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लगातार हत्या से बिगड़ा बिहार का माहौल
बिहार के दहवा क्षेत्र में कुछ दिनों से हुई हत्याओं से माहौल पूरी तरह बिगड़ गया है। लोगों के अंदर बदमाशों को लेकर काफी नाराजगी है। ऐसे में रविवार की शाम को पशु तस्कर अपने आपको पुलिस की पकड़ में जाता देख अपहरण करने का आरोप लगाते हुए शोर मचाने लगा, जिसके बाद वहां माहौल बिगड़ गया।