मेडिकल काॅलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज।संवाद
पडरौना। मौसम बदलने से बच्चे, बूढ़े और युवा बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों में डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। वहीं उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। 50 से अधिक उम्र के लोगों की सांस फूल रही हैं। ऐसे मरीजों को भर्ती कर आक्सीजन देना पड़ रहा है। जनरल और चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया है। बेड के लिए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स से मरीजों की कहासुनी हो रही है। हालांकि बृहस्पतिवार को सुबह राउंड पर पहुंचे डॉक्टरों ने कुछ मरीजों को डिस्चार्ज किया तो रात से फर्श पर लेटे मरीजों को बेड मिला। मेडिकल कॉलेज के नए बिल्डिंग में ओपीडी तो शुरू हो गया है, लेकिन अभी वार्ड में मरीजों को रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। मरीजों को ओपीडी में रजिस्ट्रेन कराने, दवा लेने और डॉक्टर से दिखाने में मरीजों को चक्कर लगाना पड़ रहा है।
अभी पुरानी बिल्डिंग में ही सभी वार्ड है। जनरल वार्ड में बुधवार को 95 बेड फुल था, रात को वार्ड में आने वाले मरीजों को बेड नहीं मिला। बुधवार को सुबह डॉक्टर राउंड पर डॉक्टर गए तो मरीजों की भीड़ देख, पहले से भर्ती जिन मरीजों की तबीयत में सुधार था। उनको डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद मरीजों को बेड मिला, दोपहर तक जनरल वार्ड में 75 मरीज भर्ती थी। चिल्ड्रेन वार्ड भी फुल है। इसमें सर्वाधिक डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चे भर्ती हैं। बेड को लेकर प्रधानाचार्य और सीएमएस के पास लगातार शिकायतें भी पहुंच रही है। नई बिल्डिंग में वार्ड बन जाए तो मरीजों को बेड के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।