पडरौना। जिले में मकर संक्रांति पर्व बृहस्पतिवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। सुबह 11 बजे धूप खिलने के बाद बच्चे खुशी से पतंग उड़ाने में लग गए। वहीं पडरौना के बुढ़िया माई मंदिर समेत अन्य स्थानों पर लोगों ने खिचड़ी चढ़ाई। इसके बाद गरीबों में दान-पुण्य किया। यहां बन रही खिचड़ी का भी प्रसाद के रूप में वितरण किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग खिचड़ी चढ़ाने गोरखपुर भी गए।
मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से ही घरों में स्नान-दान शुरू हो गया था। पुरोहितों ने पूर्वजों के नाम पर अनाज का संकल्प कराकर दान कराया। इसके बाद खिचड़ी खाई गई। घरों पर मिलने आने जाने वालों को चावल व तिल से बनी लाई खिलाई गई। पडरौना नगर के बुढ़िया माई मंदिर परिसर में लोग खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे। यहां प्रसाद के रूप में खिचड़ी बांटी गई।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार सेवरही क्षेत्र में बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति (खिचड़ी) का पर्व उत्साह व उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने बांसी व गंडक नदी में आस्था की डुबकी लगाई। मंदिरों में पूजा पाठ कर गुड़, चावल व तील से बने प्रसाद चढ़ाया, जबकि कई जगहों पर लोगों ने गरीबों व पंडितों में अन्न, वस्त्र, कंबल व पंचांग दान किए। इस मौके पर युवाओं में पतंगबाजी का काफी उत्साह देखने को मिला।
क्षेत्र के राजपुर, सुमही संतपट्टी, कतौरा, पिपराघाट, ब्रह्मपुर, रानीगंज, जोगनी, अजय नगर, दुबौली, दाहूगंज, जगदीशपुर, मिश्रौली आदि गांवों में भी मकर संक्रांति का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। मान्यता है कि इस दिन भगवान सूर्य उत्तरायण की स्थिति में आ जाते है, जो विशेष फलदायी होता है। इस दिन पवित्र स्नान, पूजा पाठ व दान-पुण्य से सारे संतापों से मुक्ति मिलती है।
बोदरवार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मठिया गांव स्थित ऐतिहासिक काली माता मंदिर परिसर में मकर संक्रांति श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर पांच दिनों से रामलीला का मंचन हो रहा है। मकर संक्रांति के मौके पर मेला का भी आयोजन हुआ।
मेला प्रबंधक बजरंगी सिंह व अध्यक्ष संजय सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि मकर संक्रांति महोत्सव विगत करीब 35 वर्ष से गांव में आयोजित होता है। इस दौरान धर्मेंद्र सिंह, श्रीराम मद्धेशिया, शिवा सिंह आदि मौजूद रहे।
तुर्कपट्टी में सूर्यदेव का किया पूजन
तुर्कपट्टी। मकर संक्रांति पर्व पर बृहस्पतिवार को तुर्कपट्टी स्थित गुप्तकालीन सूर्य प्रतिमा की विधिवत पूजा कर लोगों ने परिवार की मंगलकामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में आयोजित सहभोज में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किए।
सुबह से ही बड़ी संख्या में आए भक्त सूर्य प्रतिमा का दर्शन करने के लिए पंक्तिबद्ध हो गए थे। भगवान सूर्य का पूजन कर श्रद्धालुओं ने चावल, तिल, गुड आदि सामग्रियों का दान भी किया। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित सहभोज में प्रसाद ग्रहण किए। सहभोज में पहुंचे नगर पालिका पडरौना के चेयरमैन विनय जायसवाल ने कहा कि इस तरह के सकारात्मक व सामाजिक कार्यों से समाज के हर वर्ग के लोगों में अपनत्व आपसी लगाव, सौहार्द एवं एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना बलवती होती है। इस दौरान विनय राय, नारायणी शाही, वीरेंद्र शाही, प्रवीन शाही आदि मौजूद रहे। संवाद