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Kushinagar News: शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

Fri, 04 Oct 2024 05:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। शारदीय नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। घरों में कलश स्थापना के साथ शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की उपासना आरंभ हो गई। भक्तों ने मंदिरों, पंडालों और घरों में विधि-विधान से कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान किया।
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शारदीय नवरात्र के लिए तैयारियां एक दिन पूर्व ही पूरी कर ली गई थी। मंदिरों और शक्तिपीठों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नगर के बुढ़िया माई मंदिर, खिरिकिया दुर्गा मंदिर में सुबह चार बजे से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर का पट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई थी। मंदिरों के पुजारी और पुरोहितों ने सभी के लिए मंगल कामना की और अखंड मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित कराई। सभी देवी मंदिरों में शाम को महाआरती हुई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
नगर के साहबगंज स्थित दुर्गा मंदिर, अंबे चौक स्थित दुर्गा मंदिर, लखरावा देवी मंदिर, छावनी स्थित हठी माई मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में देर शाम तक श्रद्धालुओं ने पूजन किया। इस दौरान मंदिरों परिसरों में मेला जैसा माहौल था। धूप, अगरबत्ती, कपूर आदि की दुकानें आकर्षक ढंग से सजाई गई थी। नगर के बुढ़िया मंदिर, लखरांव मंदिर और खिरकिया दुर्गा मंदिर में हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्र के समय लोगों की भीड़ और बढ़ जाती है। इसको देखते हुए मंदिर समिति की तरफ से महिला और पुरुष अलग-अलग कतार लगाई गई। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला और पुरुष पुलिस के जवान तैनात थे।
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कुबेरस्थान क्षेत्र के खह्नवार मंदिर में श्रद्धालुओं ने प्राचीन खह्नवार मंदिर और जल्पा देवी (बुढ़िया माई) मंदिर में पूजन कर मातारानी का आशीष लिया। यहां ब्रह्म बेला से ही आसपास के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से व्रती महिलाओं व पुरुषों ने सिंदूर, चुनरी, नारियल, कपूर, अगरबत्ती, प्रसाद, मिष्ठान आदि चढ़ाकर माता रानी की पूजा की और मन्नतें मांगीं। पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा। मंदिर में प्रवेश करने वाले मुख्य द्वार के दोनों तरफ कतार में प्रसाद एवं अन्य सामग्री की दुकानें सजी हुई थीं। जहां पूजन दर्शन के बाद श्रद्धालु तथा मेले में आये अन्य लोग खरीदारी करते रहे।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार, बृहस्पतिवार को धर्मसमधा मंदिर में सुबह से ही जयकारा लगाते हुए श्रद्धालुओं ने माता रानी की पूजन की। कपूर अगरबत्ती जलाने के बाद चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी लालमन तिवारी ने बताया कि शारदीय नवरात्र में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एक दिन पूर्व ही बैरिकेडिंग करा ली गई थी। सुबह करीब चार बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवरही क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों और पंडालों में मां दुर्गा लोगों ने पूजन किया। कस्बे के श्रीराम जानकी मंदिर, सच्चा दरबार, मिलिया माता मंदिर, जलपा माता मंदिर, सिंह भवानी दुर्गा मंदिर, पिंडी भवानी मंदिर, डीह भवानी मंदिर आदि देवी मंदिरों में को एक दिन पूर्व ही आकर्षक ढंग से सजा लिया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पथ प्रकाश और पेयजल का इंतजाम भी किया गया था। शहर से लगायत गांव-गांव में पूजा पंडालों का निर्माण भी शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना के बाद मंदिरों और पंडालों में माता के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री की पूजा-अर्चना की।
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