पडरौना। गोरखपुर मंडल के उपायुक्त अशोक कुमार ने मंगलवार को कप्तानगंज तहसील, एसडीएम कोर्ट सहित कई दफ्तरों का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट के सभी मुकदमे ऑनलाइन करने तथा उनके त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया।
उन्होंने अपने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को जहां कार्रवाई करने की चेतावनी दी, वहीं सराहनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया। उपायुक्त सर्वप्रथम राजस्व लिपिक के कक्ष में पहुंचे, जहां तैनात लिपिक शिवकुमार यादव के पास रखे सभी अभिलेखों की जांच किया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही लिपिक की सराहना की। इसके बाद एसडीएम कोर्ट में पहुंचे, जिसमें सभी मुकदमों की फाइलों की गहनता से जांच किया।
कंप्यूटर में दर्ज मुकदमों की स्थिति का जायजा भी लिया। उन्होंने सर्वाधिक पुराने मुकदमों को ऑनलाइन करने व यथाशीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट का जायजा लिया। वहां लंबित मुकदमों के निस्तारण में ढिलाही मिलने पर त्वरित निस्तारण के लिए तहसीलदार अशोक कुमार को निर्देशित किया। अभिलेखों के अच्छे ढंग से रखरखाव पर पेशकार बृजेश श्रीवास्तव को बधाई दी। इसके बाद खतौनी व आरके कार्यालय का निरीक्षण कर वहां मिली कमियों को सुधारने का निर्देश दिया।
तहसील परिसर में रजिस्ट्री कार्यालय के लिए अधिवक्ता संघ के तहसील अध्यक्ष मिर्जा एक्तेदार हुसैन की अगुवाई में अधिवक्ता विनोद मिश्र, रामप्रताप सिंह, दिनेश कुमार राव, हीरा पांडेय, छोटे लाल अग्रहरी, नंदलाल प्रसाद ने ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने शासन को पत्र लिखकर शीघ्र रजिस्ट्री कार्यालय खोलवाने का आश्वासन दिया। 0 निरीक्षण करने आए उपायुक्त को कप्तानगंज नगर के रामनरेश अग्रहरि ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कप्तानगंज नगर पंचायत में जमीन संबंधी घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। वहीं सभासदों ने नगर पंचायत में अतिक्रमण समेत कई मामलों के निस्तारण के लिए ज्ञापन दिया, जिस पर उपायुक्त ने तहसील प्रशासन को जांच कर कस्बे को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया।