पकवा इनार (कुशीनगर)। हस्तांतरित होने से पहले करोड़ों की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर नवनिर्मित कुशीनगर ओवरब्रिज की सड़क में चकती लगानी पड़ी है। इसे लगाने के लिए झुंगवा कट से ही रूट डायवर्ट किया गया था। इस दौरान गोरखपुर और बिहार की तरफ से आने वाले वाहनों को सर्विस रोड से होकर गुजरना पड़ा। बुधवार को फिर इस पर आवागमन शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था का दावा है कि यह डायवर्जन ओवरब्रिज के ऊपर बनी सड़क की मरम्मत व जांच कार्य के लिए किया गया था। आगे भी ऐसा करना पड़ सकता है। निर्माण में गुणवत्ता संबंधी कोई दिक्कत नहीं है। तय मानक के मुताबिक ही ओवरब्रिज नवनिर्मित कराया गया है। सड़क हादसों पर लगाम और सुगम आवागमन के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर कुशीनगर व गोपालगढ़ में दो ओवरब्रिज का निर्माण कराया है। दोनों ओवरब्रिज लगभग बनकर तैयार हैं। उनसे वाहनों का आवागमन भी हो रहा है, लेकिन बीते तीन दिनों तक कार्यदायी संस्था जेके इंजीकान प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कुशीनगर में ओवरब्रिज की सड़क में कुछ स्थानों पर छोटी और लंबी पतली चकती लगाई गई है, हालांकि संस्था के जिम्मेदार इसे सड़क व ओवरब्रिज निर्माण में आने वाली सामान्य स्थिति बता रहे हैं। उनकी दावा है कि नवनिर्मित सड़क में ‘टायर मार्क’ आते हैं। उन्हें हस्तांतरित होने से पहले रेक्टिफाइड तरीके से मरम्मत कर मशीनों से जांच की जाती है। महीने के अंत तक राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।