पडरौना। डेंगू, मियादी बुखार और वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं। मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की समस्या बढ़ गई है। ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग की जा रही है। महज सात तिथियों में ही जिला ब्लड बैंक से 55 यूनिट प्लेटलेट्स की आपूर्ति की जा चुकी है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, जिला ब्लड बैंक के पास 100 यूनिट प्लेटलेट्स सुरक्षित रखने की अत्याधुनिक व्यवस्था और क्षमता उपलब्ध है। हालांकि, प्लेटलेट्स को अधिकतम पांच दिन तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है। उसके बाद प्लेटलेट्स निष्प्रभावी हो जाते हैं और उन्हें नष्ट करना पड़ता है। जैसे-जैसे डेंगू सहित अन्य गंभीर मरीजों के तीमारदार मांग पत्र लेकर पहुंच रहे हैं,डोनर्स से प्लेटलेट्स सेपरेट कर उन्हें ताजा किट उपलब्ध कराई जा रही है।
ब्लड बैंक कुशीनगर के मेडिकल आफिसर डॉ. दिनेश्वर कुमार राय ने बताया कि वर्तमान में वायरल संक्रमण डेंगू से पीड़ित ही प्लेटलेट्स के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू के अलावा इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया जिसमें शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली अपने ही स्वस्थ्य प्लेटलेट्स को नष्ट करने लगती है। बोन मैरो से जुडृी समस्याओं में प्लेटलेट्स निर्माण कम हो जाता है। इसके अलावा पोषण की कमी और लीवर की बीमारियों में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। फिलहाल इस सीजन में अब तक सिर्फ डेंगू के मरीजों को ही प्लेटलेट्स मांग पत्र के आधार पर दिया गया है।
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300 रुपये में दिया जाता है प्लेटलेट्स
ब्लड बैंक से मरीज को सिर्फ 300 रुपये में उसके मांग पत्र के मुताबिक एक यूनिट प्लेटलेट्स दे दिया जाता है। फिलहाल प्लेटलेट्स को प्राप्त करने के लिए नियमानुसार कागजात व फार्म आदि भरने के बाद उन्हें रैंडम डोनर प्लेटलेट्स उपलब्ध करा दिया जाता है। इसके अलावा ब्लड बैंक से 300 रुपये में प्लाज्मा और 1050 रुपये में सीआरबीसी मुहैया कराया जाता है।
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इन तिथियों में प्लेटलेट्स की हुई आपूर्ति:-
तिथि प्लेटलेट्स (यूनिट)
20 अगस्त 04
22 अगस्त 04
23 अगस्त 08
24 अगस्त 12
28 अगस्त 04
29 अगस्त 04
03 सितंबर 19
नोट:- यह आंकड़ा ब्लड बैंक कुशीनगर का है।
कोट:-
जिन मरीजों के प्लेटलेट्स का स्तर 10 हजार व कम होता है, उन्हें प्लेटलेट्स दिए जाने की सलाह दी जाती है। प्लेटलेट्स डेंगू के अलावा मियादी व वायरल फीवर में भी कम होता है। इसके अलावा शरीर के किसी हिस्से से अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगता है तो ऐसे मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। टाइफाइड सहित अन्य वायरल संक्रमण में भी प्लेटलेट़्स कम होता है। टाइफाइड की सही जांच के लिए विडाल की जगह आईजीएम और आईजीजी पाजिटिव जांच सही व सटीक होती है। सही और सटीक जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार भी बेहतर होता है और मरीज के स्वास्थ्य में सुधार भी होने लगता है। -डॉ.तुषार तिवारी, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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प्लेटलेट्स कम होने पर बरते सावधानियां:-
डाॅक्टर के मुताबिक प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज को पर्याप्त आराम व नींद लेनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी व ओआरएस, नारियल पानी, सूप आदि लेना चाहिए। फल, सब्जियां, दाल, प्रोटीन लेना चाहिए। चोट लगने वाले खेल व भारी कसरत रोंके। शराब के सेवन से बचें। बिना डॉक्टर की सलाह की कोई दवा न लें। प्लेटलेट बढ़ाने के लिए किसी विशेष घरेलू नुस्खे पर निर्भर न रहें।