खड्डा। गांव के पास से गुजरने वाली रेल लाइन पर बने मानव रहित समपार पर बैरिकेडिंग किए जाने से नाराज लोग शनिवार को रेल लाइन पर धरने पर बैठ गए। इससे ट्रेनों का आवागमन करीब घंटे तक ठप रहा। प्रदर्शन के कारण सवारी गाड़ी व मालगाड़ी रेल लाइन पर ही रुकी रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह से प्रदर्शन समाप्त कराया।
खड्डा थाना क्षेत्र के बसडीला ग्रामसभा के पास से गुजरने वाली गोरखपुर - नरकटियागंज रेलखंड पर बने मानव रहित रेल के उस पार के उस पार लोगों की खेती आदि है। इस रेल फाटक पर कई बार दुर्घटना होने के कारण रेल प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही इसे बंद कर दूसरा मार्ग बना दिया है। इसके चलते गांव वालों को काफी दूरी तक चक्कर लगाकर आना जाना पड़ता है। इससे नाराज खड्डा एवं बसडीला गांव के लोग शनिवार को ग्राम प्रधान इद्रीश, पूर्व प्रधान रामबेलास, राम औतार आदि की अगुवाई में रेल लाइन पर लाल कपड़ा लगाकर धरने पर बैठ गये। उस दौरान पनियहवा स्टेशन की तरफ से खड्डा की तरफ आ रही माल गाड़ी के चालक उपेन्द्र नरायण सिंह ने लाल कपड़ा एवं भीड़ देखकर आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दिया। इसके बाद गांव वालों का हुजूम ट्रेन के इंजन के पास पहुंच गया और कुछ लोग इंजन पर चढ़ गए। गांव के गोलू, निसार, इमामुल, शंभू, इस्लाम, पूजन आदि की मांग थी कि पुराने रेल फाटक को हल्के वाहन और गांव के लोगों के आने जाने के लिए फिर से खोला जाए। फाटक बंद हो जाने से लोगों को दो किमी का चक्कर लगाकर आना जाना पड़ रहा है।
इससे खासतौर से महिलाओं और बच्चों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव वालों के धरने के चलते मालगाड़ी करीब एक घंटे तक वहीं खड़ी रही जबकि गोरखपुर से मुजफ्फरपुर जाने वाली 55202 सवारी गाड़ी भी खड्डा स्टेशन पर रुकी रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची खड्डा थाना और जीआरपी ने जवानों ने लोगों को समझा बुझाकर रेल लाइन खाली कराया और प्रदर्शन बंद कराया। इसके बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सका। धरने में धीरज, हरीओम, इसरावती, जानकी, कलावती, कमला, छोटू, एजाज, राहुल, जहांगीर सहित काफी संख्या में लोग शामिल रहे। खड्डा के स्टेशन अधीक्षक बी लाल ने कहा कि लोगों के प्रदर्शन के चलते करीब एक घंटे पर रेल यातायात प्रभावित रहा।