खड्डा। दिल्ली में 17 लाख की ठगी के बाद फरार जालसाज को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह साइबर अपराध में शामिल बताया जा रहा है। इसका नेटवर्क दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक है। पुलिस की जांच में खड्डा के निजी बैंक से 50 लाख से अधिक की जालसाजी पता चला है।
पुलिस का कहना है कि खड्डा थाना क्षेत्र के बंजारीपट्टी गांव निवासी रतन विश्वकर्मा साइबर ठगी करता है। इसके खिलाफ 17 लाख रुपये जालसाजी कर हड़पने का केस दिल्ली के रोहिणी साइबर सेल थाने में दर्ज है। रोहिणी साइबर सेल के दरोगा अंकुर तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम बुधवार को खड्डा थाने पर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर आरोपी रतन विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। दरोगा अंकुर तोमर ने बताया कि दिल्ली के एक व्यक्ति ने 17 लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि ठगी के रुपये खड्डा थाना क्षेत्र के बंजारी पट्टी निवासी रतन के बैंक अकाउंट से जमा व निकाले गए हैं। पुलिस के अनुसार रतन के बैंक अकाउंट से एक करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ है। इसकी जांच चल रही है। सूत्रों की मानें तो रतन विश्वकर्मा ने अपने नाम से प्राइवेट बैंक का अकाउंट खोलकर साइबर क्राइम करता है। इसके गैंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दिल्ली पुलिस को मिली है।