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अविश्वास प्रस्ताव ः फैसला छह अप्रैल को

Sat, 17 Mar 2018 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
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जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीएम से मिलने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले को लेकर शनिवार को भी जिला मुख्यालय पर गहमा-गहमी रही। अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने वाले सदस्य शाम को डीएम से मिले और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा तथा मतदान की मांग की। इसके कुछ देर बाद ही जिला पंचायत अध्यक्ष भी डीएम से मिलने पहुंचे और उनसे अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस निरस्त करने की मांग की। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद डीएम ने कहा कि निर्णय फ्लोर टेस्ट से ही होगा। हालांकि उन्होंने अभी तारीख की घोषणा नहीं की है। 
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बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सदस्यों का एक गुट भाजपा जिलाध्यक्ष जेपी शाही की अगुवाई में डीएम से मिलने पहुंचा। सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा पर उपेक्षा समेत कई आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। दोपहर बाद जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश भी पहुंचे और सदस्यों का बहुमत अपने साथ होने का दावा किया। रात में करीब आठ बजे अध्यक्ष दुबारा डीएम के पास पहुंचे और अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों की परेड कराई। शनिवार दोपहर बाद सदस्यों ने फिर डीएम से मिलने का वक्त मांगा। शाम करीब चार बजे भाजपा के जिला महामंत्री मारकंडेय शाही समेत भाजपा व हियुवा के कई नेताओं के साथ सदस्य डीएम से मिलने पहुंचे। सदस्यों का कहना था कि उनके दिए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन की बैठक बुलाकर चर्चा कराई जाए तथा अध्यक्ष को विश्वास मत हासिल करने को कहा जाए। सदस्यों की बात सुनने के बाद डीएम ने उन्हें बहुमत का निर्णय फ्लोर टेस्ट के जरिए कराने की बात कही।
इसके कुछ ही देर बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अकेले ही डीएम से मिलने पहुंचे। अध्यक्ष ने कहा कि बृहस्पतिवार की रात में ही उन्होंने अपने समर्थक सदस्यों को प्रस्तुत कर दिया था। अब इस मामले में दुबारा बहुमत साबित करने का कोई औचित्य नहीं बनता। बहुमत का फैसला फ्लोर टेस्ट से होने की जानकारी होते ही दोनों पक्ष अपनी-अपनी तैयारी में जुट गए हैं। अपने पक्ष के सदस्यों की सुरक्षा और साथ बनाए रखने के लिए उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाने लगा है। वहीं दूसरे खेमे से सदस्य को तोड़ने का प्रयास भी तेज हो गया है।
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