संविदा स्वास्थ्यकर्मी की मौत, सीएमओ के खिलाफ दी गई तहरीर
रामकोला (कुशीनगर)। सीएमओ कार्यालय के क्वालिटी एसोरेंस में संविदा पर प्रोग्राम असिस्टेंट के पद पर तैनात संविदाकर्मी मनोज की बुधवार की देर मौत हो गई। मनोज की पत्नी कप्तानगंज सीएचसी में संविदा पर ही डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने रामकोला थाने में तहरीर देकर सीएमओ पर मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न करने तथा संविदा समाप्त करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, सीएमओ ने आरोप मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया है।
बताया जा रहा है कि रामकोला थाना क्षेत्र के पपउर गांव के निवासी मनोज कुमार (38) सीएमओ कार्यालय के क्वालिटी एसोरेंस में संविदा पर प्रोग्राम असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थे। वह डाटा इंट्री का काम भी करते थे। बुधवार की देर रात में उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को सुबह सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मनोज की पत्नी पूनम देवी संविदा पर ही कप्तानगंज सीएचसी में डाटा इंट्री ऑपरेटर के तौर पर काम करती थीं, लेकिन अब उनका स्थानांतरण रामकोला सीएचसी में हो गया है। पूनम ने सीएमओ के खिलाफ रामकोला थाने में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने तहरीर में सीएमओ तथा उनके चालक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पूनम ने तहरीर में लिखा है कि सीएमओ, उनके पति का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न करते थे। वह उनके पति से पांच हजार रुपये प्रति माह की मांग करते थे। नहीं देने पर संविदा समाप्त कर देने की धमकी देते थे। पूनम के मुताबिक, उन पर गलत तरीके से आरोप लगाकर रामकोला सीएचसी पर स्थानांतरण कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 11 और 17 अगस्त को अलग-अलग आदेश जारी कर कई प्रकार के गंभीर आरोप उन पर लगाए गए। सीएमओ की धमकी से उनके पति मनोज कुमार आहत रहते थे। उनकी सेवा समाप्ति की धमकी बार-बार मिलनी उन्हें बर्दाश्त नहीं हुई और हृदयाघात से उनकी मौत हो गई। इसमें सीएमओ के साथ उनके चालक के भी संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है।
रामकोला थाने के एसओ नीरज कुमार राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिली है। मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मौत की सूचना पर पहुंचे विभागीय अधिकारी-कर्मचारी
मनोज कुमार की मौत के बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रभुनंद उपाध्याय सहित स्वास्थ्य विभाग के कई लोग उनके घर पहुंचे। इन लोगों ने घटना की जांच कराकर दोषी व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
यह मुझे बदनाम करने की साजिश है। सारे आरोप मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। मनोज कुमार हमारे कार्यालय में क्वालिटी एसोरेंस में प्रोग्राम असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थे। इस लिए डाटा इंट्री ऑपरेटर का काम भी करते थे। दस साल से अधिक समय से एक ही जगह तैनात 19 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का सामूहिक रूप से स्थानांतरण किया गया था, जिसमें मनोज की पत्नी पूनम देवी का नाम भी है।
- डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ