जन्माष्टमी आज, मंदिरों और पंडालों की सजावट कराई गई
पडरौना/तमकुहीरोड। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी बृहस्पतिवार की शाम तक पूरी कर ली गई। पंडालों में श्रीकृष्ण और देवी राधा की झांकियां सजाने से लेकर मंदिरों में सफाई और सजावट में आयोजन कमेटियों के लोग दिन भर लगे रहे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार की रात में मंदिरों में भजन-कीर्तन और उसके बाद जन्मोत्सव का आयोजन होगा।
पडरौना नगर के छावनी स्थित महादेव मंदिर, महावीरी गली स्थित हनुमान मंदिर, पडरौना शहर सहित जनपद के सभी क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी में लोग जुटे रहे। छावनी स्थित महादेव मंदिर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण के डोल को सजाने का काम जोरों पर रहा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक झालरों और एलईडी लाइट से मंदिर की सजावट की गई। इसी तरह शहर के अन्य हिस्सों में भी लोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी में लगे रहे। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पंडालों और मंदिरों में राधा-कृष्ण की पूजा और भजन-कीर्तन होगा।
दूसरी ओर, सेवरही स्थित राधाकृष्ण मंदिर से लेकर अन्य सभी मंदिरों में सफाई के साथ उन्हें आकर्षक ढंग से सजाने का कार्य जारी रहा। मान्यता है कि इस दिन उपवास रखकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक उनकी पूजा करने से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्ठमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को सेवरही स्थित राधाकृष्ण मंदिर के साथ विश्वकर्मा मंदिर जवाहर नगर, रामजानकी मंदिर गांधी नगर, दुर्गा मंदिर पुरानी बाजार सहित राजपुर, ब्रह्मपुर, पिरोजहां, मिश्रौली, दुबौली, पकड़ीयार पूरबपट्टी, सुमही संतपट्टी, कत्तौरा, अवदान टोला, अहिरौली मिश्र, पिपराघाट, जंगलीपट्टी, परसा उर्फ सिरिसिया आदि गांवों में स्थित मंदिरों में सफाई के साथ उनकी सजावट का कार्य जारी रहा।
फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजयोग प्रशिक्षण केंद्र फाजिलनगर की तरफ से झांकी सजाई गई। राजयोग केंद्र की संचालक ब्रह्माकुमारी भारती ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व परमात्मा से शक्ति प्राप्त कर अपने आंतरिक दुर्गुणों को समाप्त कर खुद को शक्तिशाली बनाने का संदेश देता है। इस दौरान एसओ अखिलेश सिंह, भाजपा नेता बैरिस्टर जायसवाल, पशुपतिनाथ जायसवाल, ब्रह्मकुमारी सावित्री, ब्रह्मकुमार उमेश, गायक मैतुल मस्ताना आदि मौजूद थे।