पटहेरवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बलियवा निवासी रामाशंकर प्रसाद (50) की ओमान में मौत के बाद मंगलवार की दोपहर उनका शव घर पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का कहना है कि बीते बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी।
ग्राम पंचायत बलियवा निवासी रामाशंकर प्रसाद करीब 10 साल से ओमान में राजमिस्त्री का काम करते थे। बीच-बीच में वह गांव आते थे। तीन माह पूर्व वह गांव से काम करने मस्कट गए। 26 अक्तूबर को सुबह करीब 11 बजे उनके बड़े बेटे अमित के पास मस्कट की कंपनी से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि रामा शंकर की तबीयत अचानक खराब हो गई है।
अमित ने जब अपने पिता से बात करने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका। कंपनी के कर्मचारियों ने पिता से बेटे की बात नहीं कराई। बाद में शाम चार बजे दोबारा कंपनी की तरफ से फोन आया कि रामाशंकर की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। तभी से परिवार के लोग काफी परेशान थे।
मंगलवार दोपहर ओमान से रामाशंकर का शव घर पहुंचा। शव देखते ही परिजन फफक कर रो पड़े। उनकी पत्नी लीलावती का बुरा हाल है। रामा शंकर चार बच्चों दो बेटियों और दो बेटों के पिता थे। इनमें किसी की शादी नहीं हुई है।