पट्टाधारकों ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की
तहरीर की कॉपी गांव में चस्पा किए जाने से नाराज थे पट्टाधारक
पिपरा बाजार। सरपतही बुजुर्ग गांव के पट्टाधारकों ने प्रदर्शन किया। यह लोग ग्राम प्रधान की तरफ से थाने में दी गई तहरीर की प्रति चस्पा किए जाने से नाराज थे। पट्टाधारकों ने इस मामले में दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सरपतही बुजुर्ग गांव के सरेह में स्थित 46 एकड़ भूमि को 142 पट्टाधारक अपनी पट्टे की भूमि बताकर काबिज हो गए थे, जबकि पड़ोस के गांव सरपतही खुर्द के कुछ लोग उस भूमि को अपना बताकर अधिकारियों से शिकायत किए थे। दोनों पक्षों से न्यायालय में वाद भी दाखिल है। इसे संज्ञान में लेते हुए एडीएम देवी दयाल वर्मा व एसडीएम सदर महात्मा सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया था। विवादित भूमि को धारा 145 के तहत प्रशासन ने जब्त कर लिया था। एडीएम ने कहा था कि न्यायालय के अग्रिम आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। जिसके बाद दोनों पक्ष न्यायालय के आदेश का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच गांव के कुछ शरारती तत्व मामले को तूल देने के लिए पट्टाधारकों से न्यायालय में पैरवी के नाम पर वसूली करने लगे। इसकी जानकारी प्रधानपति प्रमोद सिंह को हुई तो उन्होंने विरोध किया। इसके बाद कुछ शरारती तत्वों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में प्रधानपति ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर की प्रति रविवार देर रात पूरे गांव में बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कर दिया गया था। सोमवार सुबह जब लोगों ने देखा तो माहौल गरम हो गया। गांव में तनाव की स्थिति बन गई। गांव के बाहर प्रधानपति के नेतृत्व में पट्टाधारकों ने प्रदर्शन कर तहरीर की कॉपी चस्पा करने वाले शरारती तत्वों व थाने से तहरीर की कॉपी देने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान डॉ. हीरा, भभीखन, सुनील, सुधीर सोनी, सराजुद्दीन, हारुन, लक्ष्मीचंद, छांगुर, नंद, पन्नेलाल, आयूब, मजीद आदि शामिल थे। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक व्यक्ति को इस मामले में शांतिभंग के अंदेशा में जेल भेजा गया है।