सोमवार को सुबह ही पिपराघाट पुलिस चौकी के इंचार्ज सुजीत भारती, हेड कांस्टेबल लक्ष्मण प्रसाद, दीपक यादव, अभिषेक कुमार, सौरभ यादव, देवेंद्र कुमार आदि घटनास्थल पर पहुंच गए और परिजनों की मौजूदगी में गोताखोर राजकिशोर निरंकारी, दिनेश निषाद और बृजकिशोर निषाद की मदद से नदी में बालक की खोजबीन होने लगी।
काफी देर तक खोजबीन के बाद सोमवार को सुबह दस बजे बालक को नदी में लगाए गए जाल के पास से कर लिया गया। शव नदी से बाहर निकाले जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। उसके माता-पिता सहित बड़ा भाई विवेक व आलोक उससे लिपटकर रोने लगे।
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यह देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद बालक के परिवार में मातम छा गया है। तमकुहीराज के पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।
इससे पहले भी क्षेत्र से होकर बहने वाली बांसी व गंडक नदी में डूबने से मौत की कई घटनाएं हो चुकी हैं। उसके बाद से जब भी कोई हादसा होता है, लोग सहम जाते हैं।
3 मई 2023 को शिवशक्ति नगर से होकर बहने वाली बांसी नदी में स्नान के दौरान दस वर्षीय पिंटू चौहान की मौत हो गई थी। 25 जुलाई 2022 को अहिरौलीदान के आदित्य सिंह की नदी में डूबने से मौत हो गई। 18 जुलाई 2022 को पिरोजहां के शुभम मिश्र की जीरो बांध के पास नदी में डूबने से मौत हो गई।
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18 जुलाई 2022 को भगवानपुर के विपिन मद्धेशिया की चैनपट्टी में नदी में डूबने से मौत हो गई। 11 अगस्त 2021 को फागू छापर की आदिति सिंह की नदी में डूबने से मौत हुई थी। 3 अगस्त 2021 को परसा उर्फ सिरसिया के डुमरिया टोला की शमीना खातून की घघवा जगदीश के पास नदी में डूबने से मौत हो गई। 19 जुलाई 2021 को चैनपट्टी के अनुज चौधरी की नदी में डूबने से मौत हो गई थी।