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Kushinagar News: हाईवे पर खड़े ट्रक मेें घुसी डीसीएम, चालक की मौत, खलासी घायल

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-बनवरिया गांव के पेट्रोल पंप के पास रात में खड़ा था ट्रक, आंधी और बारिश की वजह से हुआ हादसा
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-महाराष्ट्र से मौसंबी लेकर गोपालगंज जा रहे थे पिता-पुत्र, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, बेटे की हालत गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। हाईवे पर खड़े ट्रक में पीछे से डीसीएम घुस गई। हादसा इतना भीषण हुआ कि इसमें चालक की मौत हो गई, जबकि खलासी का काम कर रहा बेटा घायल हो गया। मौसम खराब होने की वजह से हादसे की जानकारी लोगों को देर से हुई। गंभीर रूप से घायल खलासी का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। हादसा सोमवार की देर रात बनवरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास हुआ। पुलिस ने चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के हाईवे पर बनवरिया एचपी पेट्रोल पंप के पास सोमवार की रात ट्रक खड़ा था। इस दौरान सामान लेकर बिहार जा रही डीसीएम खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। दुर्घटना करीब 11 बजे रात को हुई। उस समय आंधी के साथ बारिश हो रही थी। टक्कर इतनी तेज हुई कि आसपास के गांवों तक आवाज पहुंची, लेकिन लोगों ने किसी वाहन का टायर फटने का अनुमान लगाया। बारिश बंद होने के बाद लोग उधर गए तो मालवाहन में फंसे लोगों की चीख सुनकर पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को तमकुहीराज सीएचसी पर पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बेहात थाना क्षेत्र के बरौली गांव निवासी डीसीएम का चालक अजय विश्वकर्मा (44) को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल बेेटे अमित (25) को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां से डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां पर उसका इलाज चल रहा है।
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पिता के साथ डीसीएम पर बेटा खलासी का काम करता है। उसे रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर तमकुहीराज नीरज कुमार राय ने बताया कि पिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गंभीर रूप से घायल बेटे का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
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मानवता हुई शर्मशार, पिता-पुत्र को तड़पता देख ट्रक लेकर भाग निकला चालक
पेट्रोल पंप के पास हाईवे पर नियम विरुद्ध तरीके से ट्रक के चालक और खलासी ने आंधी और बारिश की वजह से खड़ा कर दिया था। पीछे से जब डीसीएम ने टक्कर मारी तो आसपास ही ट्रक चालक और खलासी मौजूद थे। बारिश बंद होने के बाद हादसे की जानकारी पुलिस को देना या डीसीएम में फंसे तड़प रहे पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाना उचित नहीं समझा और ट्रक लेकर भाग निकले। बारिश और आंधी के चलते आसपास के लोग भी देरी से पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अगर इलाज समय से मिल गया होता, तो शायद चालक की जान बच गई होती।
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