धनघटा। मंगलवार को सरयू नदी के बिडहर घाट पर जब एक बेटी ने अपने पिता की चिता को अग्नि दी तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
करिया जोत गांव निवासी किसान रामकिशुन ने सोमवार को साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार को अंतिम संस्कार करने के लिए सरयू नदी के बिडहर घाट पर शव ले जाया गया। राम किशुन की बड़ी पुत्री सलोनी की शादी हो चुकी है, और वह ससुराल में रहती है। छोटी बेटी नीरा की शादी नहीं हो सकी है, वह अपने मां बाप के साथ करिया जोत में रहती है।
मंगलवार को रामकिशुन का शव जब दाह संस्कार के लिए बिडहर घाट पर गया तो छोटी बेटी नीरा भी बाप के शव के साथ घाट पर पहुंची। वहां मौजूद रिश्तेदार व पट्टीदार ने जब अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तो बेटी नीरा ने पिता की चिता अग्नि दी। यह देखकर वहां मौजूद कुछ लोगों की आंखें नम हो गई।