तमकुहीरोड। गंडक नदी के डिस्चार्ज में कमी के बाद भी विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध के पास के कई ठोकरों पर कटान का खतरा बना हुआ है।
नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक के अधिकांश ठोकरों व तटबंधों पर दबाव है। सबसे खराब स्थिति विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) की है। यहां कई दिनों में नदी ठोकरों व तटबंधों से टकरा रही है। नदी के अप एंड डाउन स्ट्रीम में भी कटान का खतरा बना हुआ है। हालांकि, कटान की जद में आए ठोकरों व तटबंधों पर बोल्डर की डंपिंग कराई गई है। बावजूद इसके, कई क्षतिग्रस्त ठोकर नदी के निशाने पर हैं। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का डिस्चार्ज कम होने पर ही कटान का खतरा सर्वाधिक होता है। नरवाजोत में किमी 1.700 पर निर्मित ठोकर और उसके अप एंड डाउन स्ट्रीम में खतरे की आशंका है। नदी ठोकर से टकरा कर बह रही है। एपी बांध के घघवा जगदीश स्थित किमी 1.400 पर, चैनपट्टी स्थित किमी 2.800 व किमी 3.050 पर, जवही दयाल स्थित किमी 3.500 पर, मुसहर टोला स्थित किमी 4.500 पर, विरवट कोंन्हवलिया स्थित किमी 7.000 पर, बाक खाश स्थित किमी 10.518 पर और कचहरी टोला स्थित किमी 14.500 पर स्थित ठोकर व तटबंधों से नदी की धारा टकरा रही है। बैक रोलिंग शुरू होते ही बांध व ठोकरों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
जेई चंदप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि तटबंधों पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि सभी जगहों पर स्थिति सामान्य है और चौकसी बरती जा रही है।