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घटते-बढ़ते जलस्तर से कचहरी टोले मे कटान का खतरा

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कचहरी टोले में घरों से सटकर बह रही है गण्डक नदी। - फोटो : KUSHINAGAR
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बाढ़ की समस्या
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गंडक नदी
कुशीनगर न्यूज
घटते-बढ़ते जलस्तर से कचहरी टोले मे कटान का खतरा
तक कई जगहों पर बांध से टकराकर बह रही गंडक नदी
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर से अहिरौलीदान के कचहरी टोला पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं।
वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के कारण एपी तटबंध के हर हिस्से पर कटान का खतरा बना हुआ है। क्योंकि गंडक नदी पिपराघाट से अहिरौलीदान तक कई जगहों पर बांध से टकराती हुई बह रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2017 के पहले अहिरौलीदान का कचहरी टोला ानी आबादी वाला गांव था। वर्ष 2017 में गंडक नदी के कटान की चपेट में आने से तीन चौथाई हिस्सा नदी में समा गया। उसमे धुरंधर सिंह की बहुमंजिली इमारत के साथ उनका हथिसार भी कटान की भेंट चढ़ गया था। पूर्व प्रधान श्रीकिशुन सिंह, बलिस्टर सिंह, नंदकिशोर सिंह, रामाज्ञा सिंह, शिवजी सिंह, रामनरेश सिंह, गया सिंह, अंबिका सिंह, बिंदेश्वरी सिंह सहित 150 से अधिक लोगों के मकान नदी में समा गए थे।
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इस बार भी गंडक नदी का डिस्चार्ज पिछले तीन-चार दिनों से दो से तीन लाख क्यूसेक के बीच में बना हुआ है। इससे कचहरी टोला में बांध के किनारे अवशेष के रूप में बचे 12-15 मकानों पर भी कटान का खतरा मंडराने लगा है। क्योकि यहां नदी भले ही बांध से दूर है, लेकिन इन घरों से सटकर बह रही है। बाढ़ खंड तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि पूरे बांध की निगरानी की जा रही है।
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