पडरौना। शहर के जंगल विशुनपुरा मोहल्ले में हुई डकैती के मामले में पुलिस ने चोरी के दौरान हमला करने का केस दर्ज किया है। अधिकारियों को गुमराह कर धाराओं में अल्पीकरण करने वाली कोतवाली पुलिस की भूमिका पर अब सवाल खड़ा हो गया है। दूसरे दिन पीड़ित परिवार के दरवाजे पर बिखरे खून के धब्बे और पुलिस कब्जे में ली गई खून से सनी लाठी डकैतों के दुस्साहस की कहानी बयां कर रही है। पुलिस के हाथ लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना में शामिल पांच बदमाश दिख रहे हैं जिन्होंने डकैती के दौरान विरोध करने पर गोली और धारदार हथियार से हमला कर चार लोगों को जख्मी कर दिया। गंभीर रूप से घायल दो भाईयों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ित परिवार भी सवाल खड़ा करते हुए घटना की निष्पक्ष तरीके से जांच कराने की मांग कर रहा है।
शहर के वार्ड नंबर दो के जंगल विशुनपुरा निवासी अजय चौरसिया के घर रविवार की आधी रात को खिड़की की जाली तोड़कर डकैत घर में दाखिल हो गए। आलमारी में रखा 50 हजार नकद और जेवर समेट लिए। आवाज सुनकर सो रहे अजय और उनकी पत्नी सभ्यता की नींद खुल गई और शोर मचाने लगे तो बदमाश इनकी पिटाई करने लगे। शोर सुनकर सो रहे परिवार के बाकी सदस्यों की नींद खुली तो डकैतों से आमना-सामना हुआ। इस बीच डकैतों ने फायर झोंक दिया, बड़े भाई अशोक चौरसिया और अजय पैर में छर्रा लगने से घायल हो गए, जबकि धारदार हथियार से छोटे भाई राकेश के चेहरे पर वार कर दिया। मंगलवार को दरवाजे पर मौजूद अजय के पिता बैजनाथ चौरसिया और इनके घर की महिलाओं ने जमीन पर गिरे खून के धब्बे को दिखाते हुए कहा कि पुलिस डकैती की घटना को चोरी की धाराओं में केस दर्ज कर दबाना चाहती है।
मौके पर आई पुलिस ने सीसीटीवी का फुटेज देखा तो इसमे भागते हुए पांच बदमाश दिखे और फुटेज में फायरिंग की आवाज भी सुनाई दी है। दरवाजे पर रखी लाठी से भी परिवार के सदस्यों पर बदमाश वार किए जो खून से सनी थी। पुलिस इसे कब्जे में लेकर चली गई, परिवार के सदस्य इलाज कराने में परेशान हैं, पुलिस अपने हिसाब से तहरीर लिखवाकर केस दर्ज की है। सोमवार की रात पुलिस तीन-चार राउंड गश्त की, लेकिन डर की वजह से पूरी रात परिवार के लोग सोए नहीं। जिस तरह से राकेश और अशोक पर बदमाश हमला किए हैं, उससे लग रहा है कि हत्या करने के उद्देश्य से आए थे। बैजनाथ ने कहा कि पुलिस को डकैती की धारा मुकदमे में बढ़ानी चाहिए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो एसपी और सीएम से मिलकर शिकायत करूंगा।