टेकुआटार/लक्ष्मीगंज। चक्रवात से बुधवार को एक महिला समेत दो की मौत हो गई। इससे घरों में चीख-पुकार मच गई। टेकुआटार थाना क्षेत्र के डुमरी चुरामन छपरा गांव में आंधी-बारिश से आम का पेड़ टूटकर गिर गया। इसमें भाई की मौत हो गई, जबकि बहन घायल हो गई। लोगों ने पेड़ से दबे किशोर को निकाला। घायल बहन को सीएचसी ले गए। जहां चिकित्सकों ने इलाज किया। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम कसया राजस्कर्मियों के साथ पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। गांव वालों के मुताबिक भाई-बहन आम के लिए बागीचे में गए थे।
चक्रवात बुधवार को सुबह करीब 9.50 बजे आया। कसया तहसील क्षेत्र के डुमरी चुरामन छपरा गांव के बागीचे में बच्चे आम के लिए पहुंचे। इसी बीच बारिश शुरू हो गई। बागीचे में आम का एक पेड़ गिर गया। इसमें गांव का कृष्णा (14) और इसकी बहन दब गई, बाकी बच्चे बाल-बाल बच गए। बच्चों के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे। पेड़ में दबे भाई-बहन को किसी तरह बाहर निकालकर कसया सीएचसी पर लेकर पहुंचे, जहां बहन ममता का इलाज हुआ।
भाई को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गांव वालों ने बताया कि सोनू कनौजिया के पांच बच्चे हैं। इसमें तीन बेटियां रानी (18) ममता (12) नेहा (8) और दो बेटे कृष्णा (14) बादल (6) हैं। पिता दुबई में रहकर काम करते हैं। एसडीएम आशुतोष ने बताया कि परिजनों को ढांढस बंधाया गया। आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद परिजनों को दिलाया जाएगा। दूसरी ओर लक्ष्मीगंज क्षेत्र में आए चक्रवात के बीच एक झोपड़ी कई महिलाएं छिपी थीं। हवा के झोंके से उड़ रही झोपड़ी का बांस पकड़कर खड़ी महिला झोपड़ी के साथ उड़ गई और झोपड़ी में दबकर उसकी मौत हो गई। बाकी महिलाएं झोपड़ी में रखा तख्त के नीचे छिपी थीं। रामकोला थाना क्षेत्र के विजयपुर गांव के टोला सियरहा निवासी रमाकांत कुशवाहा की 46 वर्षीय पत्नी मानती देवी बुधवार को गांव के बाहर अपनी खेत में सब्जी की फसलों की निराई कर रही थी। अचानक सुबह चक्रवात के साथ आई बारिश से छिपने के लिए खेत के पास एक झोपड़ी में चली गई, इसमें चार महिलाएं और छिपी थी। हवा के झोंके से बार-बार झोपड़ी उठ रहा था तो मानती झोपड़ी में लगा बांस पकड़कर खड़ी थी।
बाकी महिलाएं तख्त के नीचे छिपी थी। इस दौरान अचानक हवा का तेज झोंका आया और झोपड़ी के साथ मानती देवी भी उड़कर कुछ दूरी पर जा गिरी। झोपड़ी में मानती की दबकर मौत हो गई। तख्त के नीचे छिपी महिलाओं के शोर मचाने पर आस-पास के लोग पहुंचे और मानती को झोपड़ी से बाहर निकाले, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर चौकी प्रभारी मनोज द्विवेदी सिपाहियों के साथ पहुंचे। रामकोला थानाध्यक्ष आनंद गुप्ता ने बताया कि आंधी की चपेट में आने से महिला की मौत हुई है।