बिजली का बिल जमा करने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी साइबर अपराधियों का नया पैतरा,
- तीन महीने में आ चुके हैं 10 से अधिक मामले
- पुलिस भी इन लोगों के झांसे में न आने की सलाह दी है
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अगर आपके मोबाइल पर बिजली बिल भरने से संबंधित मैसेज आ रहे हैं और इसमें भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने की बात कही जा रही है तो सावधान हो जाइए। आपका बैंक एकाउंट खाली हो सकता है। लोगों को ठगने के लिए साइबर अपराधियों ने यह तरीका निकाला है। पुलिस ने लोगों को इनके झांसे में न आने की सलाह दी है। पिछले तीन महीने में 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
इसमें उपभोक्ताओं के पास एक मैसेज भेजा जाता है। मैसेज में कहा जाता है कि आपका पिछले महीने का बिजली बिल जमा नहीं किया गया है। अगर बिल अपडेट नहीं कराएंगे तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके लिए एक नंबर भी लिखवा देते हैं। इस नंबर पर कॉल करने पर बिल अपडेट करने के लिए कहा जाता है। साइबर अपराधी मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। उसे डाउनलोड करते ही खाते से रकम कट जाती है।
केस-एक
हाटा निवासी चंद्रशेखर यादव के मोबाइल पर 14 फरवरी को इनबॉक्स में मैसेज आया। उसमें 24 घंटे में कनेक्शन काट देने की बात कही गई। चंद्रशेखर का बिल वाकई में बकाया था। इसलिए वह सकते में आ गए। मैसेज में बताए नंबर पर कॉल किए तो वहां से एक व्हाट्सएप नंबर दिया गया। उस पर एक लिंक भेजा गया। लिंक डाउनलोड करने पर जैसे ही वह एक रुपये भेजे। उसके कुछ देर बाद उनके खाते से 33,000 रुपये कट गए। पीड़ित ने बताया कि थाने पर शिकायत लेकर गया। उन्होंने एसपी कार्यालय स्थित साइबर सेल में दो बार शिकायत किया हूं, लेकिन अभी तक पैसा वापस नहीं मिला है।
केस-दो
पडरौना कस्बा के रामकोला मार्ग निवासी राजन के मोबाइल पर 14 मार्च को मैसेज आया। उस पर लिखा था कि आपका पिछले महीने का बिल बकाया है। उन्होंने तीन दिन पहले ही ऑनलाइन बिल पेमेंट किया था। चूंकि वह पहले से फर्जी मैसेज के बारे में जानते थे। इसलिए बिना बातों में आए मैसेज को नजरअंदाज कर गए।
केस-तीन
कसया नगर के अभिषेक के पास 12 मार्च को इसी तरह का मैसेज आया। उनका भी बिल बकाया था। गनीमत रही कि मैसेज में दिए लिंक और मोबाइल नंबर पर डायल करने से पहले वह बिजली निगम के दफ्तर पहुंच गए। वहां मैसेज दिखाए तो बताया गया कि वह फर्जी है।
केस-चार
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रानीकाफ के रहने वाले नवीन मिश्रा के मोबाइल पर फोन आया। उसने बोला कि आपका बिजली का बिल बकाया है। ऑनलाइन जमा कर दीजिए। नवीन के पास वह लिंक भेजा। उस लिंक पर क्लिक करने पर खाते से 11,998 रुपये कट गए।
कर्मचारी बनकर करते हैं फोन
इस मैसेज के साथ वे एक फर्जी बिजली अधिकारी का नंबर भी भेज रहे हैं। ठग खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हैं और फिर ग्राहकों को उनके बकाया बिल की जानकारी भी देते हैं। उस नंबर को अगर कोई ट्रू-कॉलर पर चेक करता है तो उस पर विद्युत विभाग या यूपीपीसीएल लिखकर आता है। इससे लोगों को यकीन हो जाता है कि वह विभाग का ही कर्मचारी है। कई बार इसके लिए वे लोगों को व्हाट्सएप पर संपर्क करते हैं। यदि कोई शख्स बिजली बिल के भुगतान के लिए तैयार हो जाता है तो स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करने के बाद दस रुपये ट्रांसफर करने की कहकर क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी ले लेते हैं। इसके बाद खाता खाली कर देते हैं।
साइबर एक्सपर्ट की राय
साइबर सेल के प्रभारी मनोज पंत बताते हैं कि इस तरह का फ्रॉड होने की ऐसे लोगों के साथ ज्यादा गुंजाइश होती है, जो यूपीआई के जरिए ऑनलाइन बिल का भुगतान करते हैं। यूपीआई और मोबाइल नंबर के माध्यम से साइबर अपराधी उपभोक्ता का संयोजन नंबर और बिल की अद्यतन स्थिति प्राप्त कर लेते हैं। इसके बाद उपभोक्ता को कॉल करके उनका बकाया और अन्य डिटेल बताते हैं, जिससे उन्हें यकीन हो जाता है और उसके जाल में फंस जाते हैं।
कोट
सबसे पहले आप खुद और अपने घरवालों को जागरूक करें। दूसरा किसी भी अनजान शख्स से अपना ओटीपी शेयर ना करें। मैसेज पर आए लिंक या अनजान फोन नंबर का उपयोग नहीं करें। किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें। यदि आपके पास इस तरह का कोई मैसेज आता है तो पहले उसके सोर्स की जांच कर लें। किसी भी प्राइवेट अकाउंट में पेमेंट करने से बचें। थाने में शिकायत करें।
-धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक