कप्तानगंज के गणेश चौक पर स्थित अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। कस्बे के गणेश चौक स्थित सावित्री हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान हुई प्रसूता की मौत के मामले में बुधवार को पुलिस ने अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने काफी हंगामा किया था। संचालक अस्पताल बंद कर भाग गया था। पुलिस ने लापरवाही से मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। अस्पताल को सील कर दिया गया था। तभी से फरार अस्पताल संचालक को पुलिस ने बुधवार को हरपुर बरवा से गिरफ्तार कर लिया। रामकोला थाना क्षेत्र के चंदरपुर गांव के अहीरटोली निवासी मुन्ना राजभर की 35 वर्षीय पत्नी इंदु देवी की 15 फरवरी की रात गणेश चौक स्थित सावित्री अस्पताल में मौत हो गई थी। उसे प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि ऑपरेशन के दौरान बेटी पैदा हुई, लेकिन अस्पतालकर्मियों की लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था। पुलिस ने पहुंचकर लोगों को शांत कराया था। रामकोला के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि बिना डिग्री के डॉक्टरों ने उनके मरीज का ऑपरेशन किया, जिसमें घोर लापरवाही बरती गई।
बताया कि अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं है। आशा के बहकावे में आकर उन लोगों ने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया था। इस घटना के बाद अस्पताल में ताला बंद कर संचालक और अन्य लोग भाग गए थे।
सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, एसडीएम मोहम्मद जफर, तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रितेश कुमार सिंह पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिए थे। अस्पताल संचालक के विरुद्ध एसीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा की तहरीर पर कप्तानगंज थाने की पुलिस ने अस्पताल संचालक दुर्गेश विश्वकर्मा पर लापरवाहीपूर्वक कार्य करने व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 15(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। तभी से फरार संचालक को पुलिस ने बुधवार को दोपहर में हरपुर बरवा से गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत होने के बाद से आरोपी गोनहा निवासी दुर्गेश विश्वकर्मा की तलाश जारी थी। उसकी गिरफ्तारी हरपुर बरवा से की गई।