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Kushinagar News: ई-केवाईसी सहित कई बहाने से लोगाें को ठग रहे साइबर अपराधी

Sun, 20 Aug 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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खाताधारकों के मोबाइल पर फोन कर ई-केवाईसी न कराने पर खाता बंद करने की दिखाते हैं धौंस
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। साइबर अपराधी ई-केवाईसी सहित अलग-अलग बहानों से लोगों को ठग रहे हैं। खाताधारकों के मोबाइल पर फोन कर साइबर अपराधी ई-केवाईसी न कराने पर खाता बंद करने की धौंस दिखा रहे हैं। उनके कहने के मुताबिक डिटेल देते ही खाते से रुपये गायब कर दे रहे हैं। साइबर ठग मोबाइल पर लिंक भेजकर भी जानकारी मांग रहे हैं। इस पर क्लिक कर अगर किसी ने जानकारी दे दी तो वह ठगी का शिकार हो जा रहा है। साइबर ठगी की ऐसी कई घटनाएं जिले में हो चुकी हैं।

केस-एक
ठगों के जाल में फंसकर गंवाए 62 हजार रुपये
पटहेरवा थाना क्षेत्र के नौका टोला गांव का निवासी रंजन प्रजापति नाम का एक युवक साइबर ठगों के जाल में फंसकर 62 हजार रुपये गंवा बैठा। युवक ने बताया कि 13 अगस्त को उन्होंने थाने में तहरीर दी थी। बताया कि यूनियन बैंक की शाखा में उसका खाता है। बैंक खाते का बैलेंस जानने के लिए उसने बैंक के टोल फ्री नंबर पर फोन किया, लेकिन वह गलती से एक जालसाज के पास पहुंच गया। बैंक का खाता नंबर बताते हुए युवक ने बैलेंस जानना चाहा तो उसने बताया कि अब नियम बदल गया है। आधार कार्ड नंबर बताइए। उसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा, उसे बता देना। ऐसा करते ही उसके खाते से तीन बार में 62 हजार रुपये कट गए।
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केस-दो
दुकानदार का खाता हैक कर निकाल लिए डेढ़ लाख रुपये
फाजिलनगर निवासी जितेंद्र सिंह की कस्बे में दुकान है। उनका खाता बड़ौदा यूपी बैंक में है। ऋण लेने के लिए बैंक में कुछ दिन पहले आवेदन किया था। ऋण देने के लिए बैंककर्मी ने सिविल खराब बताते हुए देने से इन्कार कर दिया था। उसने बताया कि आपके नाम से कोटक बैंक से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया गया है। कर्ज लेने वाले का पता इटावा जिले का है। उसमें आपका चेक और बैंक के सभी प्रूफ लगे हैं। साइबर सेल की जांच में पता चला कि उस दुकानदार का खाता हैक कर आधार, पासबुक और पैन के जरिए कोटक बैंक से कर्ज लिया गया है।

केस-तीन
फेसबुक के जरिए 86 हजार से अधिक की ठगी
पटहेरवा निवासी धीरज पटेल से पिछले महीने फेसबुक के जरिए 86,150 रुपये की ठगी हो गई। हुआ यह कि फेसबुक पर एक पोस्ट दिखा, जिस पर 1.80 लाख रुपये में बोलेरो बेचने की बात बताई गई थी। उस झांसे में आकर धीरज ने विक्रेता के फोनपे के जरिए अलग-अलग खातों में 86,150 रुपये भेज दिए, उसके बाद भी बोलरो के लिए अलग-अलग खातों में रुपये की मांग की जाती रही, लेकिन बोलेराे नहीं मिली।

केस-चार
पडरौना शहर के शेषनाथ के पास एक दिन मोबाइल पर फोन आया कि आपका बैंक एकाउंट बंद होने वाला है। आप अपना आधार नंबर, बैंक का खाता नंबर बता दीजिए। उसके बाद ओटीपी जाएगा, उसे भी बता दीजिएगा। वह हाईटेक तकनीक से अनजान होने के कारण मांगी गई सूचनाएं देते गए। नतीजतन, उनके खाते से पांच हजार रुपये कट गए। मैसेज आने पर उन्हें ठगी की जानकारी हुई।

कई साइबर अपराधी आ चुके हैं पुलिस की गिरफ्त में, फिर भी नहीं थम रही ठगी-
एक अगस्त 2022 को साइबर सेल व नेबुआ-नौरंगिया पुलिस की संयुक्त टीम ने साइबर ठगों के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया। तीनों की गिरफ्तारी खड्डा से हुई। उनके पास से एक लाख रुपये नकद, 45 सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड, 24 आधार कार्ड, तीन मोबाइल, दो पासबुक, चेकबुक व एक बाइक की बरामदगी हुई। जालसाज ग्रामीणों को झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाता खोलवाते थे और फर्जी मोबाइल नंबर से लिंक कराने के बाद खाते हैकरों को बेच देते थे। हैकर इन खातों का प्रयोग रुपयों के ऑनलाइन लेनदेन के लिए करते थे। दो हजार से अधिक खातों की हुई जांच में 10 करोड़ से अधिक के लेनदेन की बात सामने आई थी। दो आरोपी कुशीनगर और एक बिहार के पश्चिमी चंपारण का रहने वाला था। ऐसे कई मामलों का कुशीनगर पुलिस खुलासा कर चुकी है।

धोखाधड़ी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
लालच में आकर अनजान व्यक्ति से आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक अकाउंट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज की जानकारी साझा न करें।
ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन के ऑफीसियल साइट पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर पर ही संपर्क करें।
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजा गया क्यूआर कोड स्कैन न करें, किसी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करें।
कोई अनजान व्यक्ति फोन कर किसी स्कीम आदि का लालच दे तो उसके झांसे में न आएं।
कोरोना वैक्सीन अथवा बूस्टर के लिए अनजान व्यक्ति द्वारा कॉल कर आधार कार्ड नंबर मांगने पर न दें।
फ्री रीचार्ज, कैशबैक, क्रेडिट कार्ड ऑफर के कॉल व मेसेज से बचें।
केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल से बचें।
ओएलएक्स के फर्जी नंबर और फर्जी कस्टमर केयर से बचें।
यहां करें शिकायत
साइबर क्राइम एक्सपर्ट बताते हैं कि इस तरह के फ्राॅड का शिकार अगर कोई उपभोक्ता हो जाता है तो तुरंत केंद्र सरकार के साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काल करें। साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल एचटीटीपीएस//डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर या नजदीकी थाना-चौकी में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। 1930 पर तुरंत शिकायत करने पर पैसा सुरक्षित वापस आने की संभावना रहती है।
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साइबर सेल प्रभारी बोले
साइबर ठगी कई प्रकार से हो रही है। ई-केवाईसी कराने के नाम पर फर्जी काल आ रहे हैं। उनके झांसे में आकर यदि कोई व्यक्ति अपना बैंक डिटेल और आधार कार्ड का नंबर एवं ओटीपी या कोड बता दे रहा है तो उसके खाते से रकम निकल जा रही है। इसके अलावा लिंक भेजकर, लोन के नाम पर, हनी ट्रैपिंग सहित कई तरह के साइबर अपराध हो रहे हैं, जिससे लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। इससे बचने का सबसे बेहतर उपाय यही है कि अपनी कोई भी सूचना अनजान व्यक्ति से फोन पर या अन्य किसी माध्यम से साझा न करें। क्योंकि बैंक या कोई अधिकारी गोपनीय बैंक खाते से संबंधित सूचनाएं नहीं मांगता है।
-मनोज कुमार पंत, साइबर सेल प्रभारी
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