खेतों को काट आबादी की ओर बढ़ी गंडक
- फोटो : अमर उजाला
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी अहिरौलीदान गांव के खैरफुटा और मदुरही के सामने तेजी से कटान करते हुए आबादी की तरफ बढ़ रही है। आबादी व नदी के बीच करीब 50 एकड़ खेत गन्ने की फसल समेत कट चुका है। बाकी बचे खेतों में लगी गन्ने की फसल को किसान काटकर औने-पौने दाम पर क्रशर पर बेच रहे हैं। ताकि नुकसान से बचा सके। कटान नहीं रुका तो जल्दी ही खैरफुटा और मदुरही के अस्तित्व पर भी संकट पैदा हो सकता है।
बरसात बाद गंडक नदी में जलस्तर काफी कम हो गया है। इसके बावजूद अहिरौलीदान गांव के सामने तेजी से कटान हो रहा है। कटान के चलते अहिरौलीदान गांव के खैरफुटा व मदुरही टोले के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। इन टोलों के लोगों का कहना है कि नदी हर दिन 30-40 मीटर तक कटान करते हुए तेज रफ्तार से आबादी की तरफ बढ़ रही है। आगे भी कटान की रफ्तार यही रही तो खतरा बढ़ सकता है।
लोगों का कहना है कि कटान के चलते दुर्गा सिंह, बृजकिशोर सिंह, चन्द्रिका मिश्र, प्रेमनाथ सिंह आदि किसानों के खेत तो कट ही गए हैं, उनमें लगी गन्ने की फसल भी बर्बाद हो चुकी है। जिस तरफ कटान बढ़ रहा है, उसके रास्ते में जिन खेतों मंे गन्ने की फसल बची है। किसान उसको बचाने को लेकर चिंतित हैं। बाढ़ खंड विभाग की तरफ से अब तक कटान रोकने का कोई उपाय नहीं होने की वजह से सहमे किसान अपना गन्ना काटकर औने पौने दाम पर क्रशर पर बेच रहे हैं। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल, ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, सुजीत यादव, अरविंद सिंह, मोहन चौहान, दशरथ चौहान, सकलदेव सिंह, जनकदेव यादव, सतीश सिंह, धुरंधर सिंह सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से अविलंब कटान रोकने का उपाय करने की मांग की है।