मकुहीरोड। गंडक नदी का जलस्तर कम होने के साथ कटान तेज हो गया है। मंगलवार को एपी तटबंध पर विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने कटान से तटवर्ती गांवों में अफरा-तफरी मच गई। गांव वाले कटान रोकने में जुट गए। सूचना पर तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी भी पहुंच गए। बोल्डर और मिट्टी भरी बोरियों से कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बंधे पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंगलवार भोर में एपी बांध किमी 7.100 पर विरवट कोन्हवलिया में प्रधान के घर के सामने लगभग 50 मीटर दायरे में कटान शुरू हो गया। जानकारी होते ही लोग पहुंच गए और कुछ दूरी पर रखे बोल्डर को ट्रैक्टर-ट्राॅली से लाकर गिराने लगे। 8 बजे तक बाढ़ खंड के एक्सईएन, एसडीओ, जेई और एसडीएम, तहसीलदार भी पहुंच गए। अफसरों की मौजूदगी में बचाव कार्य जारी रहा। बाढ़ खंड के जेई के अनुसार, सोमवार की रात करीब 12 बजे तक नदी यहां कटान नहीं कर रही थी। नदी का रुख बदलने से भोर में कटान तेज हो गया।
नाराज गांव वाले अफसरों को खरी-खोटी सुनाते हुए हंगामा करने लगे। चेतावनी दी कि बंधा टूटा तो खैर नहीं है। पिछले कई साल से इस स्थान पर बंधे की मरम्मत कराने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। नदी का दबाव जिस स्थान पर कम है, उसी स्थान पर रुपये खपाए जा रहे हैं। उचित स्थान पर बचाव के लिए कार्य बाढ़ खंड के जिम्मेदारों ने कोई काम नहीं किया। इसका नतीजा है कि विरवट कोन्हवलिया के सामने बंधे पर खतरा मंडरा रहा है।
पहले नदी ने कट इन वन से कट इन टू बांध (ठोकर नंबर चार) तक को निशाने पर लिया था। फिर रिसाव और अब एपी बांध पर आक्रामक हो गई है। अगर यहां बांध टूटा तो जवही मलही, गौराहा, बाक खाश, बेदुपार, सिसवा नाहर, बाघा चौर, नोनिया पट्टी, फागू छापर आदि गांवों का वजूद खतरे में पड़ जाएगा। वर्ष 2012 में भी नदी इस गांव में रौद्र रूप दिखा चुकी है और यहां के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
डीएम विशाल भारद्वाज ने एसडीएम विकास चंद्र, एक्सईएन महेश कुमार सिंह को बंधे पर कैंप करने और कटान को रोकने के लिए बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। शाम तक बचाव कार्य जारी रहा। दो दिन से कटानस्थल पर ही बंधे से रिसाव हो रहा था। बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर विकास सिंह, गंडक विभाग गोरखपुर के एसई जेपी सिंह, एक्सईएन महेश कुमार सिंह, एसडीओ रमेश यादव, नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा, जेई चंद्रप्रकाश, रमेशधर दुबे, सुनील कुमार यादव, विनोद शर्मा, रामचंद्र प्रसाद, बृजमोहन कुशवाहा के नेतृत्व में बचाव कार्य चल रहा है।
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बाढ़ खंड के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
कटान स्थल पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने अधिकारियों से वार्ता की। बाढ़ खंड पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि समय रहते विरवट कोन्हवलिया के पास ठोकर का निर्माण कराया होता तो शायद यह नौबत नहीं आती। गांव वाले भी दो दिन से यही आरोप बाढ़ खंड के अधिकारियों पर लगा रहे हैं।
कोट
कटान रोकने के निर्देश दिए गए हैं। बंधे पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कैंप करने काे कहा गया है। डाउन स्ट्रीम में जाने पर नदी कटान करती है। इससे निपटने के लिए सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। -विशाल भारद्वाज, डीएम