कुबेरस्थान शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।संवाद
पडरौना। सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। हर हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा व भक्तिभाव से जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह से ही बारिश होने के बाद बाद भी शिव मंदिरों में लंबी कतार लग गई। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। प्रसिद्ध कुबेरस्थान धाम में करीब आधे किलोमीटर तक लंबी कतार में खड़े श्रद्धालु हर हर, बम बम करते रहे।
नगर के भारतीय शिवाला मंदिर, करहिया शिवमंदिर, पथलेश्वरनाथ शिव मंदिर, भन्नुनाथ शिवमंदिर, लमुहा शिवमंदिर, सिद्धनाथ समेत सभी शिवालयों में भोर से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। देर शाम तक लोगों ने पूजा की। दोपहर बाद कई शिवभक्तों ने शिवालयों में रुद्राभिषेक किया।
श्रद्धालु धतूर, भांग, मदार के फूल साथ अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भूत भावन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने में जुटे रहे। पंडित हरिओम मिश्र ने बताया कि शिव पुराण के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए श्रावण मास में ही कठोर साधना की थी। कुबेरस्थान मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकसी रही।
मंदिर के महंत राजकुमार गिरी स्वयं गर्भगृह की व्यवस्था संभाले हुए थे। सिधुआं बाबा स्थान पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बूढ़े, बच्चे व नौजवान सभी समान भाव से कतार में खड़े बाबा का दर्शन करने के लिए इंतजार करते रहे। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सेवरही क्षेत्र में सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में सुबह से ही भगवान शिव की पूजा अर्चना व जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर के बाबा पंचेश्वरनाथ शिव मंदिर शिवाघाट, विश्वकर्मा शिव मंदिर लोहा मंडी आदि शिव मंदिरों में सुबह से जलाभिषेक के साथ पूजा पाठ किया। रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार श्रावण मास के चौथे सोमवार को कस्बा क्षेत्र के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। प्राचीन धर्मसमधा मंदिर में भोर से ही भक्तों ने भक्त दूध, धतूरा, बेल पत्र और अन्य पूजा सामग्री के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक किया। बरवापट्टी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के दशाहवा हनुमान चौक से सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकाली गई।