पुलिस दंपति और बच्चों को थाने ले गई।
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अपनी जमीन से ही बेदखल किए जाने से पीड़ित शख्स ने सोमवार को एसडीएम दफ्तर के सामने आत्मदाह की कोशिश की। इसी बीच वहां मौजूद होमगार्डों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस परिवार के सभी सदस्यों को लेकर थाने चली गई।
खड्डा थाना क्षेत्र के महदेवा गांव में शिवनारायण की छह डिस्मिल पुश्तैनी जमीन थी, जिस पर उनकी झोपड़ी भी थी। बाढ़ के भय से नदी के इस पार पनियहवा में वह झोपड़ी बनाकर परिवार समेत रहने लगे। शिवनारायण का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने उनकी खाली जमीन पर कुछ लोगों की झोपड़ी बनवा दी। अब वही लोग शिवनारायण को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने की कोशिश में लग गए हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत खड्डा थाने में की थी।
शिवनारायण के मुताबिक जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों ने इस बीच उनकी जमीन से झोपड़ी उजाड़कर सड़क पर फेंक दी। सोमवार सुबह जब शिवनारायण और उनकी पत्नी ज्ञांती ने झोपड़ी उजाड़ने के बारे में पूछा तो उन व्यक्तियों ने मार पीटकर वहां से खदेड़ दिया। इससे दंपति बहुत आहत हुआ। सोमवार शाम चार बजे दंपति अपने बच्चों अजय(10), अमन (08) और छोटी (06) के साथ मिट्टी के तेल का गैलन लिए खड्डा तहसील पहुंचे। इसके बाद एसडीएम दफ्तर के सामने बच्चों के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलने ही जा रहे थे कि वहां मौजूद होमगार्ड गणेश निषाद और एसके शर्मा ने उन्हें पकड़ लिया।
सूचना पर पुलिस पहुंची और कुनबे को लेकर खड्डा थाने चली गई। इस संबंध में तहसीलदार पवन जायसवाल का कहना था कि सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला है। कुनबे को प्रताड़ित करने वाले लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।