पूर्व माध्यमिक विद्यालय बांसगांव चौरिया नंबर एक पर सोमवार को अध्यापकों के बीच हुई कहासुनी के बाद बच्चों ने करीब दो घंटे तक स्कूल गेट पर धरना दिया। इसकी जानकारी के बाद भी विभाग की तरफ से जब कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा तो गांव के लोगों ने ही समझा-बुझाकर धरना खत्म कराया।
दुदही ब्लॉक के इस पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर प्रभारी हेडमास्टर जवाहरलाल प्रसाद के अलावा तीन सहायक अध्यापक चंद्रप्रकाश वर्मा, प्रशांत कुमार भारती और रजनीश निराला तैनात हैं। इसके अलावा एक अनुदेशक अशोक कुमार सिंह हैं। सोमवार को सुबह अनुदेशक देर से विद्यालय पहुंचे। इसको लेकर एक शिक्षक और प्रधानाचार्य के बीच कहासुनी हुई। इसके कुछ देर बाद ही सभी बच्चे विद्यालय गेट पर पहुंचकर सहायक अध्यापक के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी होने पर गांव के लोग भी स्कूल पहुंचे। करीब दो घंटे बाद गांव के लोगों ने बच्चों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया। बच्चों का धरना खत्म होने के बाद एबीआरसी रामेश्वर यादव भी विद्यालय पहुंचे।
प्रभारी हेडमास्टर जवाहरलाल प्रसाद का कहना है कि अनुदेशक सुबह पांच मिनट विलंब से पहुंचा तो दो सहायक अध्यापकों ने दबाव बनाकर उपस्थिति की जगह आकस्मिक अवकाश चढ़ा दिया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। वहीं, सहायक अध्यापकों का कहना था कि एक अध्यापक ने छुट्टी ली थी तो प्रभारी हेडमास्टर ने तीन दिन का आकस्मिक अवकाश चढ़ा दिया था।
इस संबंध में बीईओ भारत भूषण जायसवाल का कहना है कि मामला बीएसए के संज्ञान में है। मौके पर एबीआरसी को जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
पहले भी हो चुका है विवाद
दुदही। इस विद्यालय पर एमडीएम को लेकर बीते दिसम्बर में प्रधानाचार्य, अनुदेशक और एक सहायक अध्यापक के बीच मारपीट हुई थी। सहायक अध्यापक तहरीर लेकर थाने पहुंचा तो पीछे से अनुदेशक के साथ सभी बच्चे भी नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे थे। मामलों में दोनों तरफ से तहरीर पड़ी। बीईओ ने जांच तो की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।