कुशीनगर। एटीएस की गिरफ्तारी से रिजवान के राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की बात सामने आने के बाद जहां रिजवान के घर में सन्नाटा है, वहीं उसके साथ पढ़ने वाले और उसे पढ़ाने वाले सन्न हैं।
सिसवां महंत का मूल निवासी रिजवान का परिवार वर्तमान में सबया में रहता है। पिता चकबंदी महकमे में लेखपाल हैं। चार भाइयों में सबसे बड़ा रिजवान कुशीनगर के बुद्ध इंटर कॉलेज में 12वीं के छात्र के रूप में पंजीकृत रिजवान ने आगे की पढ़ाई के लिए बायोलॉजी का विकल्प चुना था।
शिक्षकों के मुताबिक वह औसत दर्जे का छात्र था। कॉलेज और क्लास में मौजूदगी के दौरान भी ज्यादा मुखर नहीं होता था। अक्सर पिछली सीट पर बैठने की कोशिश में रहता था। उसके सहपाठियों ने बताया कि विद्यार्थियों के बीच घुलना-मिलना उसे ज्यादा पसंद नहीं था।
अलग-थलग रहने और कम बोलने से महसूस होता था कि वह पढ़ाई को लेकर ज्यादा संजीदा है लेकिन नई तस्वीर सामने आने के बाद लगा कि उसकी खामोशी की वजह कुछ और ही थी।
साथियों ने बताया कि कॉलेज तक सफर बाइक से तय करने वाले रिजवान के पास अक्सर अच्छे मोबाइल हैंडसेट देखने को मिलते थे। उसकी खामोशी की बड़ी वजह उसका ज्यादा समय अपने फोन के साथ एकांत में बीतना भी था।
एटीएस की गिरफ्त में आने के बाद पुलिस ने कॉलेज से उसकी पढ़ाई से संबंधित रिकॉर्ड की मांग की। इसके चलते शनिवार को छुट्टी के बाद भी प्रधानाचार्य रितेश चौधरी ने जरूरी स्टाॅफ कॉलेज बुलवाकर अपने कॉलेज में दाखिले के वक्त भरा गया फॉर्म और उसके दसवीं पास को प्रमाणित करने वाले साड़ी खुर्द के एक स्कूल की मार्कशीट और टीसी पुलिस को उपलब्ध कराई।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि कॉलेज रिकाॅर्ड से सामने आने वाली उसकी उम्र को अंतिम तौर पर फाइनल नहीं माना जाएगा। अन्य प्रमाण जुटाने के साथ मेडिकल चेकअप से भी सही उम्र की तस्दीक कराई जाएगी।