पडरौना। वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बाल मजदूरों की पहचान कर उन्हें मुक्त कराने के लिए शुक्रवार को राजस्व, श्रम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारा। कुल छह प्रतिष्ठानों में हुई इस छापामारी में सात नाबालिग बच्चे काम करते मिले।
उन्हें विकास समिति के हवाले कर दिया गया। इन बच्चों की उम्र की पुष्टि के लिए सीएमओ कार्यालय भेजा गया। नायब तहसीलदार पडरौना निशा श्रीवास्तव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुशीनगर इम्तेयाज अहमद की अगुवाई में राजस्व, पुलिस एवं श्रम विभाग के कर्मचारियों ने पडरौना के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। नगर के कोतवाली रोड स्थित मिष्ठान की दुकान पर एक नाबालिग मिला, जिसे दुकानदार ने भगा दिया।
सुभाष चौक स्थित बिरयानी सेंटर पर दो नाबालिग मिले। सुभाष चौक स्थित पनीर की एक दुकान पर ऐ नाबालिग काम करता मिला। रामकोला रोड स्थित भोजनालय में एक नाबालिग काम करते हुए पाया गया। इसी रोड पर स्थित ऑटो स्पेयर की दुकान में दो नाबालिग काम करते मिले।
इसके बाद टीम बलुचहां रोड पहुंची, जहां एक जलपान की दुकान में एक नाबालिग मिला। इन सभी नाबालिगों को टीम ने बाल विकास समिति पडरौना के हवाले कर दिया। इन सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें इनके नाबालिग पाए जाने की पुष्टि हुई। इस छापामारी के दौरान लेखपाल योगेंद्र गुप्ता, इंडियन ह्यूमन डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, श्रम प्रवर्तन विभाग के वरिष्ठ सहायक विनय गुप्ता और पुलिस मौजूद थे।
इस संबंध में सीडीओ केदारनाथ सिंह का कहना था कि इस मामले में सीएमओ को आवश्यक दिशा निर्देश देकर औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।