हाथरस। निलंबित वन रक्षक जवाहर सिंह की पत्नी सुनीता सिंह अपने पति को इंसाफ दिलाने के लिए गुरुवार को डीपीएस में मुख्यमंत्री के सामने पहुंच गईं। उन्होंने डीपीएस में चिल्ला-चिल्लाकर सीएम का ध्यान अपनी तरफ खींचा और फिर सीएम के निर्देश पर पीआरओ को अपना ज्ञापन सौंपा।
सीएम के नाम दी गई शिकायत में सुनीता ने कहा है कि उनके पति हाथरस रेंज की सासनी वीट के प्रभारी थे। अपने क्षेत्र में उन्होंने आगरा-अलीगढ़ एनएच 93 पर कैंप योजना के तहत साल 2015 में पौधरोपण कराया था। उनके पति द्वारा इस क्षेत्र में निर्धारित संख्या में गड्ढे खुदवाए और पौधरोपण कराया गया, जबकि शासन द्वारा मानक के अनुरूप वर्षा नहीं होने पर अगस्त 2015 में जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया गया, फिर भी डीएफओ ने उनके पति को 10 जनवरी को अचानक दौरा कर उनके पति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि वह दलित हैं। गणतंत्र दिवस पर भी उनके पति से अभद्रता की गई। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जातिगत आधार पर उनके पति का उत्पीड़न नहीं रोका गया तो वह डीएफओ के कार्यालय के समक्ष आत्महत्या कर लेंगी।