खोटही गांव में पुलिस की कार्रवाई के भय से पांचवें दिन भी गांव में सन्नाटा छाया रहा।
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खोटहीं गांव में पुलिस और गांववालों के बीच हुए संघर्ष के बाद लोगों के जेहन से खौफ के बादल नहीं छंट रहे। पुलिस के डर से गांव के लोग खेतों में सोकर रात गुजारने के लिए विवश हैं। इधर पुलिस ने चार और व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में गिरफ्तार हुए लोगों की संख्या अब 14 हो गई है।
रामकोला थानाक्षेत्र के खोटहीं गांव में जमीन के विवाद को लेकर बृहस्पतिवार को दो पक्षों मारपीट के बाद पुलिस से भी संघर्ष हुआ था। उसमें गांववालों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई थीं। रामकोला एसओ की तरफ से 23 नामजद और 250 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। उसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी शुरू कर दी।
वांछित व्यक्तियों में से 10 को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, मंगलवार को चार और लोग गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस की कार्रवाई के डर से छठें दिन भी बहुत से लोग अपने घरों से दूर रहे। इस गांव के देवीपुर, धोबिया टोला, खैरटिया, रामबर और भरटोली की महिलाओं ने बताया कि पुलिस के डर से उनके परिवार के पुरुषों ने नदी के किनारे मंदिर में सोकर रात गुजारी।
पुलिस चार और लोगों को पकड़कर ले गई है। उनका कहना था कि ऐसे में कैसे विश्वास करें कि पुलिस उन्हें छोड़ देगी। इसके अलावा कई लोगों को खेतों में सोना पड़ रहा है। इस संबंध में एसओ सौदागर राय का कहना था कि चार और व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस किसी निर्दोष को परेशान नहीं कर रही है। जो लोग घटना में शामिल थे, उन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार किया जा रहा है।
उधर, रामकोला के विधायक डॉ. पूर्णमासी देहाती का कहना था कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। पुलिस घटना में शामिल दोषियों को चिह्नित कर गिरफ्तार करे। महिलाओं, बच्चों और निर्दोष व्यक्तियाें के साथ शालीनता से पेश आए। उन्हाेंने लोगों से अपील की कि पुलिस को अपना काम करने दें और निर्भीक होकर अपना काम करें।