मंदबुद्वि को बंधक बनाकर फिरौती की मांग
देवरिया में इलाज के बहाने झोला छाप डाक्टर ने मंदबुद्वि युवक को बंधक बना लिया। करीब 13 लाख रुपये की संपत्ति बैनामा कराने के बाद आरोपी डॉक्टर परिजनों से डेढ़ लाख रुपये की फिरौती मांग रहा है। एकौना, नरायनपुर का पीड़ित व्यक्ति इंसाफ के लिए ढाई माह से थाने और एसपी कार्यालय का चक्कर काट रहा है। कार्रवाई की बात तो दूर एसपी के आदेश के बाद भी थानेदार ने केस दर्ज नहीं किया। अंधेरगर्दी का आलम यह है कि पुलिस बिना तहरीर जांच की बात कह रही है। मंगलवार को एसपी प्रभाकर चौधरी से मिलकर पीड़ित ने फिर से शिकायत की।
एकौना इलाके के नरायनपुर गांव निवासी सूरज कहार मजदूरी का काम करता है। मंदबुद्वि होने के कारण उसकी शादी नहीं हुई। तीन भाइयों में वह छोटा था। झंगहा सुगहा निवासी झोला छाप डॉक्टर नरायनपुर चौराहे पर प्रेक्टिस करता था। तीन माह पहले सूरज की तबियत खराब हुई तो डॉक्टर के पास पहुंचा। आरोप है कि इलाज का झासा देखकर तथाकथित डॉक्टर ने सूरज को 17 जनवरी को अगवा कर लिया। रुद्रपुर तहसील में बीस जनवरी को सूरज की संपत्ति को भी बैनामा कर लिया।
दस दिन बाद सूरज के भाई हरिकेश को बैनामा की जानकारी हुई। तो उसने थाने में शिकायत की। इसी बीच तथाकथित डॉक्टर सूरज को बंधक बनाकर दूसरी जगह लेकर निकल गया। पीड़ित परिवार ने जालसाजी कर जमीन बैनामा कराने और भाई की हत्या की आशंका जाहिर करते हुए थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच की। पड़ताल में पता चला कि सूरज आरोपी के कब्जे में है। बावजूद इसके पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
पीड़ित उम्मीद लेकर एसपी के पास पहुंचा। उन्होंने तत्काल कार्रवाई के लिए थानेदार को कहा लेकिन एसओ अनिल सिंह ने एसपी के आदेश को भी नजर अंदाज कर दिया। ढाई माह तक पुलिस जांच का हवाला देकर मामले को लटकाती रही। इसी बीच आरोपी ने पीड़ित परिवार से फिरौती की मांग शुरू कर दी। जानकारी होने के बाद भी पुलिस मामले को लटकाती रही। पूरा कुनबा अनहोनी की आशंका जताते हुए सदमे है।