जटहां बाजार (कुशीनगर)। सीमावर्ती बिहार प्रांत के भितहां थाने में हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। ग्रामीण एसओ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। डीएसपी ने परिवारीजन से तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर थाने का घेराव खत्म हुआ। बगहा एसपी ने एसओ को निलंबित कर दिया है।
बिहार के बगहा पुलिस जिला के भितहा थाने के रूपही पुलिस चौक के समीप मंगलवार की शाम को रमाकांत कुशवाहा तथा उदयभान कुशवाहा के बीच मारपीट हुई। इसमें उदयभान कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। भीड़ ने रमाकांत को पकड़कर पीट दिया। रूपही चौकी के सिपाही मौके पर पहुंचे और रमाकांत को भीड़ से छुड़ाकर ले आए। भितहां पुलिस की अभिरक्षा में रमाकांत की मौत हो गई।
मृतक रमाकांत की पत्नी का आरोप है कि भितहा पुलिस ने कुशीनगर के जिला अस्प्ताल में पोस्टमार्टम कराकर मामले को रफादफा कराने का प्रयास किया। बुधवार की देर शाम शव परिजन को सौंपा गया। बृहस्पतिवार को पत्नी सहित अन्य परिजन व गांव के लोगों ने शव को थाने के सामने सड़क पर रखकर घेराव शुरू कर दिया। लोग थानाध्यक्ष सहित मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
माहौल देख एसडीपीओ संजीव कुमार, पुलिस निरीक्षक भरतेंदु प्रसाद देव तथा धनहा व पिपरासी के एसओ फोर्स लेकर पहुंचे। इस मामले में बगहा एसपी अरविंद कुमार गुप्ता ने एसओ भितहां लालबाबू प्रसाद को निलंबित कर दिया है। हालांकि इसके बाद भी मृतक रमाकांत की पत्नी सुमन तथा पिता योगेंद्र कुशवाहा एसओ पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे। दोपहर के बाद बगहा के डीएसपी संजीव कुमार ने मृतक के परिवारीजन से एसओ के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए तहरीर ली और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर थाने का घेराव खत्म कराया। भितहां पुलिस का कहना है कि रमाकांत के इलाज का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बची। पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।