खड्डा। घटतौली के मामले में एक सप्ताह पूर्व आदेश मिलने के बाद भी पुलिस ने चीनी मिल के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। न ही किसानों के साथ हुई घटतौली की भरपाई की गई। विरोध के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
पिछले बुधवार की रात खड्डा चीनी मिल के कांटे पर एक किसान की जागरूकता से घटतौली जाहिर हुई थी। बृहस्पतिवार को कई दलों के नेताओं सहित क्षेत्रीय विधायक ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था। उसके बाद पहुंचे डीसीओ खुशीराम ने घटतौली के लिए दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया था।
मिल के तौल कांटे पर लगभग 2900 रुपये प्रति ट्रॉली की घटतौली उजागर हुई थी। शुक्रवार को गन्ना सचिव श्रीराम ने खड्डा थाने में चीनी मिल के प्रबंधक, गन्ना प्रबंधक, कंप्यूटर प्रभारी तथा तौल लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन इतने बड़े मामले में अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
इसी तरह वर्ष 2015 में तत्कालीन डीसीओ हरपाल सिंह ने मदनपुर कांटे के निरीक्षण के दौरान घटतौली मिलने पर ईसी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले को भी पुलिस ने रफादफा कर दिया।
केन यूनियन के पूर्व चेयरमैन राजधारी यादव, नर्मदा पाठक, आलोक तिवारी, प्रद्युम्न तिवारी, धनंजय पांडेय, सोहन प्रसाद, हीरा और मैनावती आदि का कहना है कि खड्डा पुलिस जान बूझकर मामले को टरका रही है।
किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में किसान खुलेआम लूटे जा रहे हैं। इस संबंध में खड्डा के सीओ गोरखनाथ का कहना था कि मुकदमा दर्ज करने के लिए एसओ को निर्देश दे दिया गया है, जबकि खड्डा के एसओ नवीन सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है।
डीएम के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा और जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) खुशीराम का कहना है कि कार्रवाई के लिए डीएम ने नोटिस जारी कर दिया है। जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।