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हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास, एक बरी

Wed, 20 Jul 2016 12:03 AM IST
kushinagar
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अपराध् - फोटो : santosh verma
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पडरौना। चर्चित कृष्णा साहा व विमलेश मल्ल हत्याकांड में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले के एक आरोपी को दोष मुक्त मानते हुए बरी कर दिया गया है। मंगलवार को फैसला जानने के लिए बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर के बाहर जमा रहे।
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उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णा साहा व छात्रनेता विमलेश मल्ल की 14 अप्रैल 2008 की रात में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों छात्र नेता दो अन्य साथियों मन्नू सिंह चंदेल और मृत्युंजय राव के साथ कसया थाने के गांव धर्मपुर बुजुर्ग निवासी विनय उर्फ बिन्नू सिंह के घर दावत खाने गए थे। रात 10 बजे के बाद वापस लौटते समय पडरौना-कसया मुख्य मार्ग पर सोहरौना गांव के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में अगले दिन शहर के लोग सड़कों पर उतर आए थे जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बगिड़ गई थी। पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोतवाली पुलिस ने मृतक कृष्णा साहा के भाई सतीश साहा की तहरीर पर पडरौना कोतवाली पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना रिपोर्ट के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में विनोद सिंह पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी डुम्मरभार थाना कसया, सोनू तिवारी पुत्र कलाधर तिवारी निवासी डुम्मरभार थाना कसया, रितिक सिंह पुत्र निरंजन सिंह निवासी रामलीला मैदान कन्हैया टाकिज पडरौना, विनय प्रताप सिंह पुत्र गजेंद्र सिंह निवासी धर्मपुर बुजुर्ग थाना कसया,तथा नीरज तिवारी पुत्र स्व. बंधन तिवारी निवासी डुम्मरभार थाना कसया के विरुद्ध हत्या और साजिश रचने के आरोप में सुनवाई शुरू हुई। मंगलवार को जिला जज सुभाष चंद ने विनोद सिंह व सोनू तिवारी को हत्या तथा रितिक सिंह व नीरज तिवारी को साजिश रचने का दोषी मानते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विनय उर्फ बिन्नू सिंह के विरुद्ध पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। जिला जज ने आरोपियों की जमानत खारिज करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने का भी आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पैरवी डीजीसी क्रिमिनल गोरख प्रसाद यादव ने की।
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