खड्डा/छितौनी। गोरखपुर-नरकटियागंज रेल खंड के पनियहवा रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार की आधी रात में यात्रियों ने हंगामा कर दिया। यात्री पहले से ही विलंब से चल रही पैसेंजर ट्रेन को रोककर मालगाड़ी को पहले रवाना करने से भड़क गए। यात्रियों की तरफ से ईंट-पत्थर भी चलाए गए, जिससे स्टेशन मास्टर को हल्की चोट आई। हनुमानगंज पुलिस और रेलवे के कर्मचारियों ने किसी तरह से मामले को शांत कराया। इससे पहले खड्डा स्टेशन पर भी यात्रियों ने हल्ला मचाया।
गोरखपुर से नरकटियागंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 55030 बृहस्पतिवार की शाम 5:20 बजे गोरखपुर से रवाना हुई। इस ट्रेन को खड्डा स्टेशन पर शाम सवा सात बजे के करीब पहुंचना था, लेकिन वह चार घंटे की देरी से रात 11 बजे पहुंची। यहां ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। यहां से चलकर ट्रेन पनियहवा स्टेशन पर रात 11:47 बजे पहुंची। कहा जा रहा है कि स्टेशन मास्टर ने पैसेंजर ट्रेन को रोककर मालगाड़ी को आगे बढ़ा दिया। इस पर 25-30 की संख्या में यात्री स्टेशन कक्ष के समीप पहुंच कर हंगामा करने लगे। पनियहवा के सहायक स्टेशन मास्टर संतोष गोस्वामी और जीआरपी के जवान ने यात्रियों को समझा-बुझाकर प्लेटफार्म पर भेज दिया। वहां पहुंचते ही यात्रियों ने निर्माणाधीन प्लेटफार्म पर पड़े ईंट और पत्थर के टुकड़े स्टेशन कक्ष पर चलाना शुरू कर दिया। इससे टिकट काउंटर की खिड़की टूट गई और सहायक स्टेशन मास्टर को भी चोट आई। माहौल बिगड़ते देखकर जीआरपी के सिपाही भी किनारे हो गए। सहायक स्टेशन मास्टर ने तुरंत ही हनुमानगंज पुलिस को फोन कर सहायता मांगी। साथ ही वाल्मीकिनगर स्टेशन को अवगत कराते हुए ट्रेन रवाना करने की बात कही। हनुमानगंज पुलिस की गाड़ी की हूटर बजाते हुए स्टेशन पर पहुंची। तब तक वाल्मीकिनगर से लाइन क्लीयर की जानकारी होने पर सहायक स्टेशन मास्टर ने पैसेंजर ट्रेन को आगे बढ़वाया। ट्रेन का हार्न बजते ही हंगामा कर रहे यात्री वापस ट्रेन में सवार हो गए। ट्रेन आगे बढ़ी तब जाकर मामला शांत हुआ। इस संबंध में सहायक स्टेशन मास्टर पनियहवा संतोष गोस्वामी ने बताया कि यह ट्रेन गोरखपुर से ही विलंब से चली थी। पिछले कई स्टेशनों पर यात्री हल्ला मचाते आ रहे थे। यहां पहले से खड़ी मालगाड़ी को आगे बढ़ाने का सिग्नल दिए जाने से भड़क गए थे।