बेशर्मी भरे सवालों पर जज के खिलाफ मुकदमा
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पडरौना। रामकोला थानाक्षेत्र के पुरैना में हुई दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-दो के न्यायाधीश ने पति, सास और जेठ के विरुद्ध शुक्रवार को सजा सुनाई। न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड सहित पांच वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
मुकदमे की वादिनी सावित्री देवी पत्नी भृगुराशन राव निवासी बरठा टोला, बेलवनिया थाना रामकोला की तरफ से बताया गया था कि उन्होंने बेटी रीमा की शादी रामकोला थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर बाजार के पुरैना टोला निवासी अजय राव के साथ 2007 में की थी। शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे।
दहेज नहीं मिलने पर 2011 में उनकी बेटी और दुधमुंहे बच्चे को जलाकर मार डाला। इस मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए थे।
केवल विवेचक और डॉक्टर के साक्ष्य के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-दो के न्यायाधीश राजीव कमल पांडेय ने रीमा के पति अजय राव, जेठ अनिल राव और सास गायत्री देवी को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड और साक्ष्य छुपाने के आरोप में पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड नहीं देने पर आरोपियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शुक्रवार को ही तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय कुमार त्रिपाठी ने मुकदमे की पैरवी की।