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सूखे पत्तों के जरिए पक्के मकानों में पहुंची आग

Thu, 21 Apr 2016 10:56 PM IST
कुशीनगर
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आग लगने की सूचना मिलने पर नारायनपुर गांव में पहुंचे राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह तथा उपस्थित गांव के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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मनोज कुमार गिरि
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हाटा। पक्के मकान सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन नरायनपुर गांव में लगी आग में 12 से अधिक पक्के मकानों में आग ने कहर ढाया। इसका कारण बने पक्के भवनों की छतों पर रखे सूखे पत्ते और सरसों के डंठल बताए जा रहे हैं।


बृहस्पतिवार को दोपहर के समय में नरायनपुर गांव में आग लग गई। इस आग में जितनी फूस की झोपड़ियां जलीं, उतने ही पक्के भवनों के अंदर रखे सामान भी जलकर नष्ट हो गए। इसका सबसे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि गांव के अधिकांश घरों की छतों पर गन्ने के सूखे पत्ते, सरसों के डंठल, गोबर के उपले आदि काफी मात्रा में रखे हुए थे। आग से निकलने वाली चिंगारी छतों पर रखे सूखे पत्तों पर गिरने और तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।
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हवा के झोकों के बीच आग पक्के घरों के अंदर सामानों तक पहुंची और सारे सामान जलकर नष्ट हो गए। पक्के भवनों में रखे सामान भी आग से जलकर नष्ट होने पर गांव के लोग सकते में हैं। आनन-फानन में लोग अपने छतों पर रखे पत्तों और अन्य सामानों को खाली जगहों पर फेंकने लगे। इससे पूरे गांव में अफरातफरी मच गई।
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