खड्डा (कुशीनगर)। क्षेत्र की ग्राम सभाओं में मनरेगा घोटाले के मामले में सीबीआई ने अपनी विशेष अदालत में सात लोगों के विरुद्ध 350 पन्ने का चार्जशीट दाखिल की है।
इनमें तत्कालीन चार ग्राम प्रधान, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, सहित तत्कालीन सेक्रेट्री, तकनीकी सहायक और चेक से भुगतान लेने वाले एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के भाई भी शामिल हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में सरेंडर करना पड़ सकता है।
वर्ष 2005 से 2010 के बीच खड्डा क्षेत्र में मनरेगा के धन का काफी बंदरबांट हुआ था। मनरेगा योजना से संबंधित ग्राम सभाओं के बैंक खातों से राजेश के नाम से बेयरर चेक के जरिए लगभग 41 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।
इस मामले को वर्ष 2008 में अमर उजाला ने 22 जुलाई 2007 को ‘लूटखसोट की सीमाएं तोड़ीं’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला उजागर होने के बाद हाईकोर्ट ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई को दी थी।
उसके बाद एक साल से ज्यादा वक्त तक चले जांच में सीबीआई टीम ने कई बार खड्डा क्षेत्र में आकर साक्ष्य भी एकत्र की। चार जनवरी 2016 को सीबीआई की जांच टीम ने अपनी लखनऊ स्थित विशेष अदालत में भैसहां, नारायणपुर, शाहपुर, पकड़ी बृजलाल के तत्कालीन ग्राम प्रधानों और सचिवाें तथा बेयरर चेक से भुगतान लेने वाले राजेश नाम के व्यक्ति सहित सात लोगों के विरुद्ध साजिश, धोखाधड़ी, कूटरचना, गबन, गोलबंद होना आदि धाराओं में लगभग 350 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया है।
इसके बाद आरोपियों को सीबीआई की अदालत में हाजिर होना है।
इस संबंध में जांच अधिकारी और सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि उन आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई आगे भीजारी रहेगी।