खड्डा। रामपुर गोनहा में खड़ंजा निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद में वादी, प्रतिवादी और पुलिस की ओर से अलग-अलग तहरीर दी गई। पुलिस ने इस मामले में 32 नामजद और 200 से अधिक लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर आठ लोगों को जेल भेज दिया। घायल दंपति का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
सोमवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।मनरेगा के तहत रामपुर गोनहा गांव में रविवार को खड़ंजा लगाया जा रहा था।
आरोप है कि पंचायतमित्र ने खड़ंजा का निर्माण सुरेंद्र प्रजापति के घर के आगे बने खूंटे के निशान से बढ़कर उनकी जमीन में करा दिया, जिसे लेकर विवाद हुआ था। कुछ ही देर में पंचायत मित्र के पक्ष के लोगों ने जुटकर सुरेंद्र को पीटना शुरू कर दिया था। बीचबचाव करने गईं उनकी पत्नी को भी पीटा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल दंपति को उपचार के लिए खड्डा भेजा। जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शाम को घायल दंपति के मौत की अफवाह के बाद लोग पंचायतमित्र और उसके समर्थकों को ढूंढने लगे थे।
उसी पक्ष के एक अन्य व्यक्ति के घर में उनके छिपे होने की सूचना पर भीड़ ने घर घेर लिया। यह भी कहा जा रहा है कि भीड़ को रोकने के लिए एसओ की ओर से पिस्टल निकाल लेेने से नाराज लोगों ने पंचायतमित्र को शरण देने वाले व्यक्ति का शेड, पोल्ट्री फॉर्म और एक अन्य व्यक्ति की झोपड़ी उजाड़ दी थी।
भीड़ ने अन्य चार घरों में भी तोड़फोड़ की थी। मौके पर पहुंची हनुमानगंज, बरवापट्टी, नेबुआ नौरंगिया, रामकोला और जटहां बाजार की पुलिस व पीएसी के जवानों ने स्थिति को संभाला था। रात में डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया था।
पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। सोमवार को गांव में सन्नाटा छाया रहा। पुलिस और पीएसी के जवान एहतियात के तौर पर तैनात रहे। घायल सुरेंद्र प्रजापति और उनकी पत्नी राबड़ी देवी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस मामले में सुरेंद्र के पिता नारायण की तहरीर पर पुलिस ने एकलाख, सलीमुन निशा, तबरेज और जमीरून निशा के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
एकलाख और तबरेज को पुलिस ने जेल भेज दिया। इसी मामले में एकलाख की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने 13 नामजद और 50 से अधिक अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। परमा यादव, इंद्रासन, उत्तम, बोधी और पलकधारी को पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके अलावा खड्डा के एसओ की तहरीर पर 15 नामजद और करीब डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ है, जिसमें मुबारक को जेल भेजा गया है।