खपरधिक्का गांव के सामने चली गोली के मामले में अब तक न तो किसी रंजिश की बात सामने आई है और न ही लूट की। घटना के वक्त बाइक पर मौजूद रहे आठ वर्षीय बालक की मानें तो गोली मनबढ़ई में चली थी। गोली मारने से पहले बदमाशों व दोनों युवकों के बीच कहासुनी भी हुई थी। फिलहाल, दोनों युवक मेडिकल कॉलेज में जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं। संदिग्धों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
शुक्रवार की रात धुआंटीकर निवासी 26 वर्षीय धर्मवीर अपने आठ वर्षीय भांजे नगेसर और गांव के ही 25 वर्षीय गुड्डू चौधरी के साथ खोटहीं के टोला केरवनिया गया हुआ था। रात आठ बजे वापस लौटते वक्त रामकोला- नौरंगिया मार्ग पर खपरधिक्का गांव के सामने बदमाशों ने दोनों को गोली मार दी थी। इस वारदात के कारण पर लेकर पुलिस अभी तक असमंजस में है। वजह यह कि घरवाले किसी रंजिश से इंकार कर रहे हैं और युवकों के साथ लूट की भी वारदात हुई नहीं।
घटना के वक्त मौके पर मौजूद रहे धर्मवीर के भांजे नगेसर के अनुसार सड़क के बीच में दो लोग बैठे हुए थे। वहां से निकलते वक्त धर्मवीर व गुड्डूू ने कुछ कहा तो सड़क पर बैठे लोगों ने भी जवाब दिया। बालक नगेसर के अनुसार कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद धर्मवीर व गुड्डूू बाइक मोड़कर वापस आए और सड़क पर बैठे लोगों से बहस भी हुई। इसके बाद उन्होंने दोनों युवकों पर फायर झोंक दिया।
बालक नगेसर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। अब तक कई लोगों से पूछताछ भी हो चुकी है। गोली लगने से घायल धर्मवीर व गुड्डू की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। दोनों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
इस संबंध में एसओ श्यामलाल यादव का कहना है कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की तह तक जाने के लिए छानबीन की जा रही है।