खड्डा। मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने ब्लॉक के तकनीकी सहायकों को पूछताछ के लिए लखनऊ तलब किया है। इस क्रम में एक चर्चित तकनीकी सहायक विजय कुमार से पूछताछ भी हो चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक अगले महीने सीबीआई जनपद में दस्तक देगी और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी होगी।
खड्डा विकास खंड के रोहुआ प्रकरण के बाद दूसरे मामले में ग्राम पंचायतों में योजनाबद्ध तरीके से सरकारी धन हड़पने के मामलों की भी सीबीआई की ओर से जांच की जा रही है।
लगभग 40 लोग जांच एजेंसी के नजर में हैं। उनमें रोहुआ मामले के कुछ आरोपियों के साथ ही बड़े चेहरे भी शामिल हैं। ब्लॉक में बिना नियम कानून के मनरेगा योजना के करोड़ों रुपये का बंदरबांट का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच कर उसे दबा दिया गया था।
लेकिन जब इसकी जांच सीबीआई के हवाले हुई तो पर्दा हटने लगा। गोलमाल में शामिल लोगों को बचाने एवं योजना में कागजी हेरफेर कर तकनीकी सहायकों ने अपनी कारगुजारी की थी। उनसे अब पूछताछ शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले टीए विजय कुमार से लखनऊ में पूछताछ हुई है।
इस दौरान अभिलेखों को अपने हाथ से तैयार कर मनरेगा के धन का गोलमाल करने वालों की मदद की जानकारी सीबीआई को हो चुकी है।
एजेंसी को यह भी पता चला है कि उनकी हैंड राइटिंग से ही तमाम अभिलेखों को तैयार किया गया। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि विजय की हैंड राइटिंग का मिलान कर सत्यता परखी जाएगी।
जरूरत पड़ी तो उनसे दोबारा भी पूछताछ होगी। सीबीआई ने दो अन्य तकनीकी सहायकों को भी पूछताछ के लिए लखनऊ तलब किया है।
इन दोनों लोगों के अलावा कुछ और टीए, रोजगार सेवक एवं आरोपियों के घरवालों को पूछताछ के लिए तलब किए जाने की सीबीआई तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अगले महीने सीबीआई टीम जनपद में पहुंचकर जांच को आगे बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
जमानत पर जेल से बाहर आए आरोपियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। इसकी पुष्टि करते हुए जांच अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी सहायकों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है।
मामले में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। जल्दी ही टीम जिले में पहुंचेगी और कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी सहित सभी विकल्प खुले हैं।