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संदिग्ध हालात में जलने से महिला की मौत

Mon, 20 Mar 2017 11:21 PM IST
kushinagar
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अपराध्‍ा - फोटो : santosh verma
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रामकोला। 
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थाना क्षेत्र के उर्दहा गांव के दुधपियनी टोले पर सोमवार की सुबह 25 वर्षीया विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। आनन-फानन गांव के बागीचे में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। विवाहिता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पकड़ी मदरहा निवासी देव राव की पुत्री छाया की शादी वर्ष 2011 में उर्दहा गांव के दुधपियनी टोला निवासी सुनील से हुई थी। इनकी दो संतान हैं। सोमवार की सुबह छाया राव की संदिग्ध परिस्थितियों में घर में जलने से मौत हो गई। उनके भाई अमरजीत राव के अनुसार सुबह बहनोई सुनील ने फोन पर उसे छाया को बुलाकर ले जाने के लिए कहा। तकरीबन 10 बजे वे उर्दहा पहुंचे तो दरवाजे पर भारी भीड़ जुटी और अंदर छाया का जला हुआ शव पड़ा था। उसने रामकोला थाने पर आकर पुलिस को सूचना दी। जब तक रामकोला पुलिस गांव पहुंचती लोगों ने आनन-फानन शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना के बाद ससुरालवालों के अलावा कई अन्य लोग भी गांव छोड़कर फरार हो गए। इस घटना की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक लाल साहब यादव और सीओ आरबी सिंह ने गांव जाकर घटनास्थल का मुुआयना किया और मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए। इस संबंध में एसओ गजेंद्र राय ने बताया कि छाया के भाई की तहरीर पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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शव जलाने में सहयोगियों पर नजर 
रामकोला।
उर्दहा गांव के दुधपियनी टोले में विवाहिता की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार कराने में जिन लोगों ने पड़ोसी धर्म का निर्वहन किया, अब वे पुलिस की निगाह में गुनहगार बन चुके हैं। पुलिस के गांव पहुंचने से पूर्व शव जलाने में सहयोगी रहे इन लोगों को पुलिस तलाश रही है। कार्रवाई के भय से ऐसे कई लोग गांव छोड़कर गायब हैं।
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उर्दहा गांव के दुधपियनी टोले पर सोमवार की सुबह 25 वर्षीया विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौके पर पहुंचा मृतका का भाई वहां के हालात देखने के बाद पुलिस को सूचना देने थाने चला गया। पुलिस के अनुसार आरोपी पक्ष को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए गांव के कुछ लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से शव को गांव के पास स्थित बागीचे में पहुंचाया और आनन-फानन अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस अफसरों के सामने ही गांव के कुछ लोगों ने इस बात का खुलासा भी किया कि शव को जलाने के लिए कई लोग साथ में मिट्टी का तेल लेकर भी वहां पहुंचे थे। इसी का परिणाम रहा कि जब तक पुलिस घटनास्थल पर पहुंचती, छाया का शव राख हो चुका था। छाया के भाई अमरजीत राव का आरोप है कि घटनास्थल से ही उसने मोबाइल से पुलिस को सूचना देनी चाही, लेकिन कुछ लोगों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की। विवाद बढ़ते देखकर वह बाइक से घटनास्थल से थाने के लिए चला गया। इस संबंध में एसओ गजेंद्र राय का कहना है कि जिन लोगों ने महिला के शव को जलाने में सहयोग किया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। एसओ के अनुसार ये सभी लोग साजिश रचने के दोषी माने जाएंगे। 
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