कटाई भरपुरवा में पट्टे का सत्यापन करते तहसीलदार और खनन निरीक्षक व राजस्व टीम।
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खड्डा। गंडक में सिल्ट सफाई कर खेती योग्य भूमि तैयार करने की आड़ में बालू खनन के आरोप में जांच टीम ने तीन पट्टाधारकों पर 84 लाख से अधिक की रकम का जुर्माना लगाया है। इससे अवैध बालू खनन करने वाले गिरोह के सदस्यों में हड़कंप मच गया है।
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम दिनेश कुमार, तहसीलदार अहमद फरीद खां और खनन निरीक्षक की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के कटाई भरपुरवा गांव और महदेवा गांव में कुल तीन जगहों पर निर्गत सिल्ट सफाई के पट्टे की स्थलीय जांच की। नियत जगह से हटकर बड़े पैमाने पर बालू खनन की बात उजागर हुई। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि पट्टे का उद्देश्य खेती की जमीन न होकर बालू खनन था।
जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद तहसील प्रशासन ने कटाई भरपुरवा के पट्टेदार प्रेमनरायन पुत्र विंध्याचल पर 49,11,700 रुपये लाख, रंगलाल पुत्र बल्ली के ऊपर 29,14,900 रुपये और महदेवा गांव के जवाहिर पुत्र फक्कड़ के खिलाफ छह लाख दो हजार अड़लालीस रुपये कुल 84 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
लोग बताते हैं कि बाहर के रसूखदार व राजनीतिक लोग स्थानीय लोगों को प्रलोभन देकर उनकी खतौनी ले लते हैं। औपचारिकताएं पूर्ण कराकर तीन माह के लिए सिल्ट सफाई के नाम पर पट्टा निर्गत कराया जाता है। इसकी आड़ में बालू खनन करके प्रति ट्राली ढाई से तीन हजार रुपये की वसूली की जाती है। रोज सैकड़ों ट्राली महराजगंज व आसपास इलाकों में बालू बेची जाती है। यह सिलसिला कई महीनों से चल रहा है। तहसीलदार अहमद फरीद खां ने बताया कि रविवार को कटाई भरपुरवा व महदेवा गांव में जांच की गई तो बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है।
तीन पट्टेदारों पर चौरासी लाख से अधिक का जुर्माना किया गया है। धन जमा करने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। अन्य पट्टों की भी स्थलीय जांच की जाएगी। अबतक की जांच में खेती करने की मंशा नहीं मिली है। इसके पीछे जो भी संलिप्त होगा, उसे भी जांच के दायरे में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी।