पडरौना। ट्रांसफर होने के 15 दिन भी नए ग्राम पंचायत अधिकारियों को चार्ज नहीं देने वाले जिले के 30 ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों को डीएम ने सीधे अपने निशाने ले लिया है। नाराज डीएम ने 24 घंटे के भीतर चार्ज हैंडओवर नहीं करने पर ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारियों को मूल वेतन के पद पर रिवर्ट करने एवं एफआईआर कराने का निर्देश दिए हैं। साथ ही इन ग्राम पंचायतों में जल्दी ही अफसरों की टीम भेजकर विशेष सत्यापन कराने की बात भी कही है। डीएम आंद्रा वामसी ने एक पखवारा पहले जिले के 1046 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारियों/ग्राम विकास अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था। इनमें से अधिकांश वे कर्मचारी शामिल थे, जो एक ही जगह 6 साल या उससे अधिक समय से कार्यरत थे। इस ट्रांसफर के लिए सभी ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारियों से तीन-तीन गांवों का ऑप्शन मांगा गया था। उन्हीं के बताए नामों के अनुसार ट्रांसफर करते हुए सभी को तत्काल नई तैनाती वाले गांव का कार्यभार संभालने तथा पुराने का चार्ज हैंडओवर करने का निर्देश दिया गया था। परंतु 30 ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारियों ने अब तक चार्ज हैंडओवर नहीं किया है। रविवार को सुबह डीएम ने मिले 66 ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बताया कि चार्ज नहीं मिलने की वजह से वे अपने तैनाती वाले गांव में कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं। डीएम आंद्रा वामसी को आशंका है कि इन गांवों में पिछले छह साल में राज्य वित्त, 13वें और 14वें वित्त, आवास व शौचालय निर्माण, मनरेगा जैसी विकास योजनाओं तथा पेंशन मद में जितना भी रुपया भेजा गया है, उसका खुलकर दुरुपयोग किया गया है। इसी घटाले को छिपाने के लिए वहां तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी चार्ज हैंडओवर नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों की इस मनमानी से नाराज डीएम ने इन पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी है।
इस संबंध में डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि उन्होंने मनमानी करने वाले इन ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों की सूची बना ली है। इन सभी लोगों को उनके दिए ऑप्शन के हिसाब से ही स्थानांतरित किया गया था। चार्ज नहीं देने के पीछे बड़े घोटाले की आशंका लग रही है। 24 घंटे के अंदर चार्ज हैंडओवर नहीं हुआ तो इन सभी 30 लोगों को मूल वेतन पर रिवर्ट करते हुए जिले में सबसे कनिष्ठ बना दिया जाएगा। इसके अलावा जिन गांवों में ये लोग तैनात रहे हैं वहां स्पेशल अफसर भेजकर सभी योजनाओं के आंकड़े के हिसाब से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके अलावा सभी पर एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा।
पिछली बार इनके चलते अधूरा रह गया था जांच
पडरौना डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों के एक मुश्त स्थानांतरण के बाद बीते पांच जून को 100 ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई थी। इसमें से कई ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त व 14वें वित्त से कराए गए कार्यों का विवरण नहीं मिल पाया था। इसकी वजह से जांच अपूर्ण रह गई थी। जांच अफसरों ने अपनी रिपोर्ट में भी इस बात का उल्लेख किया था कि अभिलेखों के अभाव में जांच पूर्ण नहीं हो पाया। इसके बाद से ही डीएम लगातार इन सेक्रेटरी को चार्ज हैंडओवर करने के लिए निर्देश दे रहे हैं। परंतु एक ही गांव में लंबे अरसे से तैनात कुछ सेक्रेटरी चार्ज देने के मूड में नहीं दिख रहे। कार्रवाई से बचने के लिए ये कर्मचारी अपने राजनैतिक रसूख का भी प्रयोग कर रहे हैं।