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भूूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्द्धन पर जानलेवा हमला

Sun, 24 Jun 2018 11:32 PM IST
kushinagar
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अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
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कसया। मैत्रेय परियोजना के खिलाफ कई वर्षों से अनवरत आंदोलन कर रहे गोवर्द्धन गोंड पर शनिवार की रात चाकू से जानलेवा हमला किया गया। लहूलुहान गोवर्द्धन को पहले कसया सीएचसी ले जाया गया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां भी उनकी हालत नहीं सुधरी तो डॉक्टराें ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है। पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने उन्हीं के मोहल्ले के दो व्यक्तियों पर केस दर्ज कर लिया है। एक आरोपी को पकड़ भी लिया है।
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नगरपालिका कुशीनगर के वार्ड नंबर-22 महंत अवैद्यनाथनगर निवासी गोवर्द्धन गोंड कसया-देवरिया मार्ग स्थित सिसवा महंथ गांव में मैत्रेय परियोजना के विरोध में वर्ष 2007 से अनशन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि किसानों से ली गई भूमि उन्हें वापस दिलाई जाए। शनिवार की रात अनशन स्थल पर सोते समय उन पर चाकू से हमला किया गया। गोवर्द्धन ने बगल के एक दुकानदार को घटना की जानकारी दी। उस दुकानदार ने डायल-100 और उनके घरवालों को सूचना दी। पुलिस उन्हें कसया सीएचसी ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां कुछ समय तक इलाज के बाद भी हालत नहीं सुधरी तो डॉक्टर ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है।
वहीं, दूसरी तरफ रविवार की सुबह मामले में कसया पुलिस ने गोवर्द्धन के पुत्र मनोहर कुमार गोंड की नामजद तहरीर पर उन्हीं के मोहल्ले के रहने वाले वंशराज के पुत्र सुमंत सिंह और रमाकांत के पुत्र रामध्यान के खिलाफ जानलेवा हमला करने और एससी-एसटी में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में एक आरोपी सुमंत सिंह को वार्ड से ही गिरफ्तार कर लिया है। दूसरा आरोपी रामध्यान अभी फरार है। घटना की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। सीओ ओमपाल सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्त में हैं। दूसरे को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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आम जनता और किसानों के हितों की लड़ाई लंबे समय से गोवर्द्धन गोंड लड़ते आ रहे हैं। कुशीनगर में प्रस्तावित मैत्रेय परियोजना के खिलाफ उनका आंदोलन 2001 के बाद से शुरू हुआ। यह परियोजना प्रदेश सरकार ने बुद्ध प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रस्तावित की थी। इसके लिए किसानों से जमीन अधिग्रहीत की जा रही थी। जमीन अधिग्रहीत करने के विरोध में गोवर्द्धन ने आंदोलन शुरू कर किया था। उनके आंदोलन का समर्थन सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर और संदीप पांडेय ने भी किया। 2012 में सपा सरकार के दौरान तत्कालीन डीएम रिग्जियान सैंफिल ने किसानों से बातचीत कर जमीन को दो फेज में बांटकर करार एक्ट-84 के तहत प्रथम फेज में 193 एकड़ जमीन किसानों से ले ली। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2013 में परियोजना का शिलान्यास किया लेकिन परियोजना जमीन पर उतर नहीं सकी। गोवर्द्धन गोंड का आंदोलन सिसवा महंथ में सड़क के किनारे अनशन जारी है। इसके पहले उन्होंने 1980 में देवरिया में गोंड जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए लंबा संघर्ष किया था।
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