दीवानी न्यायालय मंे अधिवक्ता को कागजात सौंपती रु खसाना।
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कसया(कुशीनगर)। प्रेमी की तलाश में हाटा पहुंची बांग्लादेश की युवती रुखसाना का चर्चित विवाद सोमवार को थाने से दीवानी न्यायालय पहुंच गया। पीड़िता ने एसीजेएम कोर्ट में अपना पक्ष रखा और न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों से रो-रो कर अपनी कहानी बताई।
रुखसाना ने बताया कि वह जॉर्डेन वह और हाटा कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव डुमरी सवांगी पट्टी निवासी ब्रजेश गुप्ता एक कंपनी में बतौर इंजीनियर काम करते थे। इस दौरान दोनों करीब आए और उन्होंने शादी कर ली। दोनों वहां से भारत आए। ब्रजेश उसे साथ लेकर घर आया। यहां परिजनों से विवाद खड़ा हुआ तो हाटा में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। इसी बीच ब्रजेश के भाई अभिमन्यु गुप्ता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि हाटा पुलिस ने जबरन एक मुस्लिम विवाहिता को मेरे घर में रखवाया है। न्यायालय ने पुलिस को नोटिस जारी किया तो पुलिस ने न्यायालय को बताया कि उसने नहीं बल्कि लोगों के सहयोग से वह रह रही है। न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत होने की जानकारी होने पर रुखसाना अपने अधिवक्ता विपिन तिवारी के माध्यम से पक्ष प्रस्तुत करने पहुंची थी। न्यायालय परिसर में उसने आरोप लगाया कि अभिमन्यु ने ही उसके पति ब्रजेश को कहीं गायब कर दिया है। दूसरी ओर मुझे घर से निकालने की साजिश रच रहे हैं।